हिंदी सिनेमा में खान सितारों का भी एक दौर हुआ है। इस दौर में कामयाब हीरोइन उसी को माना जाता था जिसने तीनों खानों के साथ कम से कम एक फिल्म तो जरूर की हो। और, खामखां की बनाई इस कसौटी पर खरा उतरने के लिए हीरोइनों ने भी क्या कुछ कोशिशें नहीं कीं। माधुरी दीक्षित, जूही चावला, काजोल और रानी मुखर्जी के कंधे से कंधा मिलाने की कोशिशों में करिश्मा कपूर, करीना कपूर, प्रीति जिंटा, उर्मिला मातोंडकर, रवीना टंडन, मनीषा कोइराला से लेकर ट्विंकल खन्ना और सोनाली बेंद्रे तक शामिल रही हैं।
पिछली पीढ़ी की इन हीरोइनों के साथ साथ मौजूदा दौर की हीरोइनों में कैटरीना कैफ और अनुष्का शर्मा को भी ये मुकाम हासिल है कि उनकी फिल्मोग्राफी में शाहरुख खान, आमिर खान और सलमान खान तीनों की फिल्में शामिल हैं। आज के बाइस्कोप की फिल्म ऐसी ही एक फिल्म है जो रवीना टंडन के खाते में जुड़ी है शाहरुख खान की हीरोइन के नाम से। फिल्म का नाम है, ‘जमाना दीवाना’ और इस साल के शुरू में ‘शिमला मिर्च’ के रिलीज होने के पहले तक यह निर्देशक रमेश सिप्पी की आखिरी फिल्म मानी जाती थी। जी हां, वही रमेश सिप्पी जिन्होंने हिंदी सिनेमा को ‘शोले’, ‘शान’, ‘शक्ति’ और ‘सागर’ जैसी फिल्में दी हैं।