वेब सीरीज रिव्यू: ग्रहण
लेखक: सत्य व्यास के उपन्यास ‘चौरासी’ पर आधारित
सीरीज लेखक: अनु सिंह चौधरी, नवजोत गुलाटी, विभा सिंह, प्रतीक पयोधी, रंजन चंदेल व शैलेंद्र कुमार झा
कलाकार: जोया हुसैन, अंशुमान पुष्कर, टीकम जोशी, सहीदुर रहमान, वमिका गब्बी और पवन मल्होत्रा आदि।
निर्देशक: रंजन चंदेल
ओटीटी: डिज्नी प्लस हॉटस्टार
रेटिंग: ***
हिंदी लेखकों का भी ओटीटी पर समय आ गया है, ये मैं नहीं सत्य व्यास का लिखा उपन्यास ‘चौरासी’ कह रहा है। शुक्रिया कहना चाहिए निर्माता अजय राय का जिन्होंने चेतन भगत और विक्रम चंद्रा जैसों पर लहालोट रहने वाली मुंबई की फिल्मी दुनिया में हिंदी उपन्यासों की प्रतिष्ठा लौटाई। रंजन चंदेल ने फिल्म ‘बमफाड़’ के बाद फिर बढ़िया काम किया है। वह थोड़ा सतर्क रहें और अपने सहायक बढ़िया चुनें तो उनका सिनेमा बेहतर और फिर बेहतरीन भी हो सकता है। थाने में एसपी के आने से पहले दिखने वाली महिला सिपाही या फिर बैकग्राउंड में घास काटने वाली कैंची लेकर कपड़ा जैसा काटते निकल गए माली के पासिंग शॉट्स खटकते हैं। हालांकि, इनके बाद भी ‘बेताब’ और ‘शोले’ के संदर्भों के साथ शुरू होने वाली वेब सीरीज ‘ग्रहण’ अच्छा मनोरंजन करने में कामयाब रहती है। सीरीज दो धाराओं में एक साथ बहती है और दोनों धाराओं का संगम बनती है इसकी नायिका अमृता सिंह।