बॉबी
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ऋषि कपूर ने ऐसे ‘जीता’ बेस्ट एक्टर अवार्ड
लेकिन, शैलेंद्र सिंह अपनी पहली फिल्म ‘बॉबी’ या ऋषि कपूर का जिक्र चलने पर वैसे ही बहुत खुश नहीं होते हैं, जैसे अमिताभ बच्चन का जिक्र चलने पर ऋषि कपूर को अकेले में बहुत उत्साहित होते कम ही देखा गया। ऋषि कपूर मानते थे कि जितनी भी फिल्में अमिताभ बच्चन ने विनोद खन्ना, शत्रुघ्न सिन्हा, शशि कपूर या उनके साथ की हैं, सब में फिल्म की कामयाबी के हकदार ये सितारे भी रहे लेकिन अपनी फिल्मों की कामयाबी में अमिताभ बच्चन ने कभी इनको श्रेय नहीं दिया। जिस साल ऋषि कपूर ने अपने खुद के इकबालिया बयान के अनुससार फिल्म ‘बॉबी’ के लिए 30 हजार रुपये देकर अपने लिए बेस्ट एक्टर का फिल्मफेयर पुरस्कार खरीदा, उसी साल अमिताभ बच्चन को ‘नमक हराम’ के लिए बेस्ट सपोर्टिंग एक्टर पुरस्कार मिला था। जो भाव ऋषि कपूर का अमिताभ के लिए रहा, वही ख्याल शैलेंद्र सिंह का ऋषि कपूर को लेकर रहा है। वह कहते भी हैं, ‘मेरे साथ वही हुआ जो हर बाहरी शख्स के साथ यहां होता आया है। मेरा करियर खराब इसीलिए हुआ क्योंकि मेरा कोई गॉडफादर नहीं था। मेरे लिए तैयार हुए गाने ऐन मौके पर किसी दूसरे गायक के पास चले जाते थे। ऋषि कपूर के करियर का चर्चित गाना ‘ओ हंसिनी..’ तैयार मैंने किया, फिल्म में ये आया किशोर कुमार की आवाज में। रमेश सिप्पी की फिल्म ‘सागर’ के सारे गाने मुझसे गवाने की बात तय हुई थी लेकिन फिल्म के मुहूर्त में तो मेरा जो गाना ‘पास आओ ना..’ बजा तो वही फिल्म में मेरा इकलौता गाना बन गया।’ यहां गौरतलब ये भी कि फिल्म ‘बॉबी’ के लिए शैलेंद्र सिंह का गाना ‘मैं शायर तो नहीं..’ फिल्मफेयर पुरस्कारों के लिए नामित तो हुआ लेकिन ये पुरस्कार दिया गया नरेंद्र चंचल को इस फिल्म के गाने, ‘बेशक मंदिर मस्जिद तोड़ो...’ के लिए।