फिल्म- अमर अकबर एंथनी में नीतू कपूर
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अमर अकबर एंथनी कई मायनों में एक नई परंपरा की शुरूआत करने वाली फिल्म है। आम बोलचाल में इसे कल्ट फिल्म भी कहा जाता है। ये कहानी तीन अलग अलग धर्मों को मानने वाले नायकों की है और पूरी फिल्म में कभी एक की आस्था दूसरे से टकराती नहीं। नायिकाएं यहां अपने बूते अपनी बात आगे बढ़ाने का माद्दा रखती दिखती हैं यहां तक कि दिन रात बुर्के में रहने क लिए मजबूर की जाने वाली सलमा भी आने वाले कल के बारे में सोचती दिखती है। ये सच बात है कि इस पूरी फिल्म को इसके निर्देशक मनमोहन देसाई का कभी पहला प्यार नहीं मिला क्योंकि तब तक वह अमिताभ बच्चन और विनोद खन्ना को लेकर परवरिश भी शुरू कर चुके थे और वहां अपने पुराने सितारे शम्मी कपूर की मौजूदगी की वजह से उनकी तवज्जो वहां ज्यादा रहती थी।
फिल्म का सबसे मशहूर सीन जिसमें अमिताभ नशे में धुत होकर अपनी ही अक्स से शीशे में बात करते हैं, वह मनमोहन देसाई की बजाय उनकी टीम ने शूट कर लिया था। सीन को ध्यान से देखेंगे तो इसमें अमिताभ बच्चन के चेहरे की चोट पूरे चेहरे पर घूमती रहती है। तमाम निर्देशकीय खामियों के बाद भी लोगों को फिल्म पसंद आई। अमिताभ बच्चन, विनोद खन्ना, ऋषि कपूर, परवीन बाबी, नीतू सिंह, शबाना आजमी, निरूपा रॉय, जीवन, रंजीत और प्राण ने फिल्म के हर किरदार में जान फूंकी।