अच्छ बुरा
- फोटो : अमर उजाला, मुंबई
कहानी मेम दीदी की
फिल्म ‘अच्छा बुरा’ कहानी है अफगानिस्तान से आए एक पठान शेर खान और पंजाबी पुत्तर वीर सिंह की। दोनों की दोस्ती बहुत तगड़ी है और इसका अपना एक इतिहास भी है। वर्तमान में दोनों एक चॉल में रह रहे होते हैं, जब उनका सामना रोजी नाम की एक महिला से हो जाता है। रोजी और इन दोनों में शुरू में तो पटती नहीं लेकिन जब पटती है तो दोनों रोजी हर परेशानी में उसके दाएं बाएं खड़े मिलते हैं। रोजी दरअसल रीता नाम की जिस लड़की की देखरेख करती है, वह रवि से प्यार करती है। दोनों शादी करना चाहते हैं पर रवि के पिता को इस रिश्ते में लाखों का दहेज नजर आता है। मामला सुलटाने के लिए शेर खान और वीर सिंह क्या क्या जुगतें लगाते हैं और कैसे हर बार उनकी नई जुगत से नई परेशानी खड़ी हो जाती है। यही फिल्म ‘अच्छा बुरा’ का असली रोमांच है।
पढ़ें: बाइस्कोप: ये है पहला ‘मिलाप’ शत्रुघ्न सिन्हा और रीना रॉय का और गाना बजा, ‘आजा के अधूरा है अपना मिलन’