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Kota Factory 3: 'छात्रों के पास चीजें साझा करने के लिए कोई नहीं, इसलिए वे जीतू भैया से जुड़े', बोले जितेंद्र

Fri, 28 Jun 2024 04:22 PM IST
दीक्षा पाठक एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला
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जितेंद्र कुमार - फोटो : सोशल मीडिया
टीवीएफ की कोटा फैक्ट्री फ्रैंचाइजी दर्शकों के बीच सुपरहिट है। इस शो ने दर्शकों के दिलों में जगह बनाई है और यह उन छात्रों से मजबूती से जुड़ा हुआ है, जो JEE पास करके आईआईटी में प्रवेश करना चाहते हैं। बहुत से लोग नहीं जानते, लेकिन इस सीरीज में मेंटर की भूमिका निभाने वाले जितेंद्र कुमार ने छात्रों के बीच संकट की स्थिति का खुद अनुभव किया है। आइए जानते हैं कि अभिनेता ने क्या कहा है।
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जितेंद्र कुमार - फोटो : सोशल मीडिया
कोटा फैक्ट्री का तीसरा सीजन हाल ही में, आया और प्रशंसकों को जीतू भैया की अपने छात्रों के साथ दोस्ती फिर से पसंद आई। अपने किरदार की लोकप्रियता पर विचार करते हुए, अभिनेता जितेंद्र कुमार ने कहा कि ऐसा इसलिए है क्योंकि हमारे पास पर्याप्त गुरु नहीं हैं और हमें मुश्किल समय में समर्थन के लिए लोगों की आवश्यकता होती है।
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जितेंद्र कुमार - फोटो : सोशल मीडिया
हाल ही में, एक इंटरव्यू में अभिनेता ने कहा, "इस शो और इस किरदार को मिले प्यार से मैं बस यही समझ पाया हूं कि हमारे पास बहुत कम मार्गदर्शक हैं। या तो सही तरह की सलाह नहीं है या यह पूरी तरह से उपलब्ध नहीं है, इतना कि लोग खुद को अकेला महसूस करते हैं।"

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जितेंद्र कुमार - फोटो : सोशल मीडिया
अभिनेता ने आगे कहा, "इंसान होने के नाते हम सामाजिक हैं और हमें खुद को एक्सप्रेस करने की जरूरत है। हमें अपने परिवार के सपोर्ट की भी जरूरत है। कई बार हम ऐसे दोस्त बनाते हैं, जो हमारे साथ कॉम्पिटिशन में होते हैं और इसलिए हम उनके साथ कुछ चीजें साझा नहीं कर पाते हैं... यही कारण है कि लोग जीतू भैया के इस काल्पनिक चरित्र से जल्दी जुड़ गए हैं।"
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जितेंद्र कुमार - फोटो : सोशल मीडिया
अभिनेता आईआईटी खड़गपुर के पूर्व छात्र हैं और उन्होंने कोटा में भी पढ़ाई की है। अपने कोचिंग के दिनों को याद करते हुए अभिनेता ने कहा, "एक शिक्षक एक बड़े हॉल या ऑडिटोरियम में 1.5 घंटे तक लेक्चर देते थे और हर हफ्ते कम से कम 20-25 कक्षाएं होती थीं। उनके पास हर छात्र की समस्याओं को व्यक्तिगत रूप से समझने का समय नहीं है। छात्र अपने शिक्षकों से प्रेरित और प्रभावित होते हैं, चाहे उनके पढ़ाने के तरीके हों।"  शो के आने के बाद उनके पूर्व प्रोफेसरों ने उन्हें बधाई संदेश भेजे थे।

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