अनन्या पांडे
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई
अपने जीवन और अपनी खुशियों का नियंत्रण एआई को सौंपने की बात कितना बड़ा फैसला हो सकता है ये किसी के भी लिए?
बहुत बड़ा फैसला है, लेकिन मुझे लगता है कि लोगों को अभी ये समझ ही नहीं आ रहा है। हम अनजाने में पता नहीं किसको अपनी चीजों का नियंत्रण सौंपते जा रहे हैं। किसी भी वेबसाइट पर जाते हैं। सारे ऑप्शन्स टिक कर देते हैं। सोशल मीडिया पर लॉग इन करते हैं तो वह हमारे फोन के माइक, कैमरे, कॉन्टैक्ट लिस्ट, हर चीज तक पहुंच जाते हैं। हम सब बस ओके करते जा रहे हैं और हम जानते भी नहीं है कि हम कितना कंट्रोल दूसरों को दे रहे हैं और हमें ये भी पता नहीं हम किसको दे रहे हैं ये कंट्रोल!