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तुषार गांधी का कंगना को करारा जवाब: थप्पड़ के लिए दूसरा गाल बढ़ाना भी साहस का काम, सभी नहीं कर सकते

Thu, 18 Nov 2021 03:02 PM IST
कविता गोसाईंवाल एंटरटेनमेंट डेस्क
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कंगना रणौत, तुषार गांधी - फोटो : सोशल मीडिया
बॉलीवुड इंडस्ट्री की ‘पंगा गर्ल’ यानी अभिनेत्री कंगना रणौत इन दिनों विवादों में फंसी हुई हैं। कंगना ने महात्मा गांधी के अंहिसा के विचारों का मजाक उड़ाया था। उन्होंने महात्मा गांधी को सत्ता का लालची तक कह दिया था। कंगना के इस बयान की पूरे देश में आलोचना हो रही है। इतना ही नहीं, कंगना रणौत के खिलाफ लगातार देश के अलग-अलग जगह में एफआईआर दर्ज हो रही है और उन्हें जेल में भेजने की मांग की जा रही है। इन सबके बीच कंगना रणौत के बयान का अब महात्मा गांधी के प्रपौत्र तुषार गांधी ने करारा जवाब दिया है। उन्होंने कहा है कि थप्पड़ मारने वास्ते दूसरा गाल देने के लिए गांधी से नफरत करने वालों की तुलना में अधिक साहस की आवश्यकता होती है।
 
दरअसल, तुषार गांधी ने एक लेख लिखा है, जिसमें उन्होंने कंगना रणौत की हर बात का जवाब दिया है। उनके लेख का शीर्षक है 'दूसरे गाल बढ़ाने के लिए गांधी से नफरत करने वालों की तुलना में अधिक साहस की आवश्यकता होती है।'
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राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के प्रपौत्र तुषार गांधी - फोटो : अमर उजाला
उन्होंने कहा, ‘जो लोग यह आरोप लगाते हैं कि गांधीवादी सिर्फ दूसरा गाल घुमाते हैं और इसलिए कायर हैं, वे इतने बहादुर होने के लिए आवश्यक साहस को नहीं समझ सकते हैं। वे इस तरह की वीरता को समझने में असमर्थ हैं।’
 
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महात्मा गांधी के प्रपौत्र तुषार गांधी - फोटो : एएनआई
इसके आगे तुषार गांधी ने कहा, ‘दूसरा गाल बढ़ाना कायरता का कार्य नहीं है। इसमें बहुत साहस लगता है। उस समय के भारतीयों ने इसे बहुतायत में प्रदर्शित किया। वे सभी नायक थे। कायर वो लोग थे जो अपने आकाओं के कोट पर लटके हुए थे। जिन्होंने व्यक्तिगत लाभ के लिए ताज पर दया और क्षमादान की याचना करने से पहले एक पलक नहीं झपकाई।’

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कंगना रणौत - फोटो : सोशल मीडिया
तुषार गानी ने कंगना के भीख वाले बयान का भी जवाब दिया। उन्होंने कहा, ‘बापू भिखारी कहलाने का स्वागत करेंगे। अपने राष्ट्र और उसके लोगों के लिए, उन्होंने भीख मांगने में कोई आपत्ति नहीं की। उन्होंने ब्रिटिश प्रधानमंत्री द्वारा "अर्ध-नग्न फकीर" के रूप में बर्खास्त किए जाने की सराहना की और आखिर में ब्रिटिश क्राउन ने आत्मसमर्पण कर दिया। वह फकीर थे। झूठ कितना भी जोरदार हो और सच्चाई की आवाज कितनी भी धुंधली क्यों न हो, सच्चाई कायम रहती है। कुछ झूठों को इन दिनों जवाब दिया जाना है।’
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कंगना रणौत - फोटो : सोशल मीडिया
कंगना रनौत ने अपने बयान में कहा था कि 1947 में स्वतंत्रता भीख थी और भारत ने 2014 में अपनी स्वतंत्रता हासिल की। तुषार गांधी ने कंगना की इस बात का भी जवाब दिया है। उन्होंने कहा, ‘यह हजारों स्वतंत्रता सेनानियों के साहस और बलिदान का अपमान है।’
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