आठ ऑस्कर पुरस्कार जीतने वाली फिल्म ‘गांधी’ बनाने के बाद इसके निर्देशक रिचर्ड एटनबरो ने जिस अगली फिल्म की तैयारी कर रहे थे, उसके लिए उस दौर की नामचीन अभिनेत्रियों हेमा मालिनी और शबाना आजमी के बीच तगड़ा मुकाबला हुआ। हेमा मालिनी को इस मुकाबले में जीत की उम्मीद कतई नहीं थी क्योंकि वह शबाना के हॉलीवुड संपर्कों के बारे में भली भांति वाकिफ थीं, लेकिन उन्होंने हिम्मत नहीं हारी। हेमा मालिनी ने आखिर में रिचर्ड एटनबरो को अपनी सिर्फ एक फिल्म देखने का निवेदन किया, और उसके बाद जो हुआ, वह हिंदी सिनेमा का इतिहास बन गया।