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Raj kundra: पोर्न फिल्म बनाने का दोषी पाए जाने पर राज कुंद्रा को होगी इतनी सजा, जाना पड़ सकता है जेल

Tue, 20 Jul 2021 11:44 AM IST
तेजस्वी मेहता इंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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राज कुंद्रा - फोटो : सोशल मीडिया

सोमवार को पोर्नोग्राफी के आरोप में शिल्पा शेट्टी के पति राज कुंद्रा को गिरफ्तार कर लिया गया। अचानक यह गिरफ्तारी नहीं हुई दरअसरल फरवरी में उनपर इस तरह का कंटेंट बनाने और प्रसारित करने के लिए केस दर्ज किया गया था। यदि कोई भी व्यक्ति भारत देश में इस तरह का कोई कृत्य करता हुआ पाया जाता है तो उसपर आईटी एक्ट और आईपीसी की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया जाता है। जिसके बाद अदालत उसे निर्णय सुनाती है और सजा होती है। 

पॉर्न देखने वालों में भारत तीसरे नंबर पर है
राज कुंद्रा की गिरफ्तारी बताती है कि अब अपने देश में पोर्न एक इंडस्ट्री का रूप लेती जा रही है। दुनियाभर की पॉर्न इंडस्ट्री करीब 100 बिलियन डॉलर से कहीं ज्यादा की है। भारत में कोई पॉर्न इंडस्ट्री नहीं है लेकिन बावजूद इसके गैरकानूनी तरीके से फिल्में देखी जाती हैं।

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एंटी पोर्नोग्राफी लॉ लागू होता है - फोटो : अमर उजाला
क्या है एंटी पोर्नोग्राफी लॉ? 
पिछले कुछ सालों में पोर्नोग्राफी का व्यापार खूब बढ़ गया है। इसके दायरे में ऐसे फोटो, वीडियो, ऑडियो और संदेश आते हैं जो कि यौन कृत्यों पर आधारित होते हैं और उनमें नग्नता दिखाई जाती है। ऐसी सामग्री को इलेक्ट्रॉनिक ढंग से प्रकाशित करने या किसी को भेजने पर एंटी पोर्नोग्राफी लॉ लागू होता है।

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जेल की सजा - फोटो : अमर उजाला

होती है कड़ी से कड़ी सजा 
भारत में पोर्नोग्राफी के मामले में यदि कोई व्यक्ति अपराधी साबित होता है तो उस पर आईटी एक्ट के साथ ही आईपीसी की धाराएं भी लगती हैं। हमारे यहां आईटी एक्ट में भी संशोधन हो चुका है ताकि इस तरह का अपराध करने वाले व्यक्ति को कड़ी से कड़ी सजा मिल सके। 

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पांच साल की सजा - फोटो : अमर उजाला

ये हो सकती है सजा
दूसरों के अश्लील वीडियो तैयार करने वालों को आईटी कानून 2008 की धारा 67 ए और आईपीसी की धारा 292, 293, 294, 500, 506,509 के तहत सजा सुनाई जाती है। जुर्म को देखते हुए पहली गलती पर पांच साल की सजा या 10 लाख रुपये तक जुर्माना हो सकता है। गलती दोहराने पर ये सजा बढ़ भी सकती है। 

 

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अपराध नहीं है - फोटो : social media
पोर्नोग्राफी देखना अपराध नहीं है
जो भी लोग अश्लील वीडियो तैयार करते हैं या एमएमएस बनाते हैं और उन्हें इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से दूसरों तक पहुंचाते हैं उस व्यक्ति पर आईटी और आईपीसी की ये धाराएं लगाई जाती हैं। लेकिन हमारे देश में पोर्नोग्राफी देखना, पढ़ना या सुनना अपराध नहीं है। 
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