फिल्म भवई
- फोटो : अमर उजाला, मुंबई
अपने पिता के बारे में जिक्र चलने पर प्रतीक भावुक हो जाते हैं। कहते हैं, ‘फिल्म ‘भवई’ में जब मुझे रंगमंच पर रावण का किरदार करने का मौका मिला तो उन दिनों पिताजी की तबीयत ठीक नहीं थी। लेकिन तब भी उन्होंने मुझे इस किरदार के बारे में काफी कुछ बताया। मेरे पास भी इस चरित्र को लेकर काफी सवाल थे। हमारी इस किरदार को लेकर लंबी चर्चाएं हुईं। फिल्म की शूटिंग के दौरान ही मैंने अपने पिताजी को खो दिया और इस फिल्म के चरित्र को लेकर मेरी उनसे जो चर्चा हुई, वह मेरे जीवन की सबसे अनमोल याद के तौर पर अब मेरे पास है।’