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आमिर के चाचा पर दिल हार बैठी थीं आशा पारेख, शादी नहीं हो पाई तो जिंदगी भर रहीं कुंवारी

Wed, 13 Mar 2019 05:28 AM IST
shrilata biswas एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला
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nasir hussain, asha parekh - फोटो : social media
स्क्रीनराइटर, प्रोड्यूसर और डायरेक्टर नासिर हुसैन का निधन आज ही के दिन 13 मार्च को हुआ था। नासिर हुसैन को मसाला फिल्में बनाने के लिए जाता था। 70 और 80 के दशक में उनकी ऐसी कई फिल्में रहीं जो आज भी याद की जाती हैं। आगे की स्लाइड में चलिए आपको बताते हैं नासिर हुसैन की जिंदगी से जुड़ी कुछ खास बातें।
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nasir hussain - फोटो : file photo
1948 में नासिर हुसैन ने कमल जलालाबादी के साथ बतौर राइटर काम करना शुरू किया। फिल्मिस्तान प्रोडक्शन कंपनी के लिए उन्होंने कई हिट फिल्में लिखीं जिनमें अनारकली (1953) और पेइंग गेस्ट (1957) थीं। बतौर डायरेक्टर नासिर हुसैन की पहली फिल्म तुमसा नहीं देखा (1957) थी। फिल्म में शम्मी कपूर की मुख्य भूमिका थी।
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nasir hussain, asha parekh - फोटो : social media
1959 में नासिर हुसैन ने शम्मी कपूर को फिल्म दिल देके देखो में लिया। आशा पारेख की ये डेब्यू फिल्म थी। इस फिल्म के बाद आशा पारेख ने नासिर हुसैन की कई फिल्मों में काम किया। पहली फिल्म के वक्त आशा पारेख की उम्र केवल 17 साल थी। काम के दौरान दोनों एक दूसरे से प्यार कर बैठे। लंबे रिलेशनशिप के बाद आखिरकार आशा पारेख ने इस रिश्ते को खत्म कर दिया। नासिर पहले से ही शादीशुदा थे और उनके दो बच्चे भी थे। आशा पारेख नहीं चाहती थीं कि उनकी वजह से किसी का घर टूटे।

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asha parekh - फोटो : file photo
एक इंटरव्यू में आशा पारेख ने कबूल भी किया था कि उन्होंने जिंदगी में सिर्फ नासिर हुसैन से ही प्यार किया। नासिर से रिश्ता टूटने के बाद उन्होंने कभी शादी नहीं की। आशा पारेख ने बताया था कि 'मेरी मां हर हाल में मेरी शादी करना चाहती थीं लेकिन मेरा मानना था कि जब तक कोई मनपसंद नहीं मिल जाए तब तक नहीं करूंगी। ना ही मुझे कोई मिला और फिर ना ही मैंने शादी की।'
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nasir hussain - फोटो : file photo
नासिर हुसैन रिश्ते में एक्टर आमिर खान के चाचा लगते थे। नासिर हुसैन के बेटे मंसूर खान ने ही आमिर के लिए फिल्म कयामत से कयामत तक (1988) और जो जीता वही सिंकदर (1992) डायरेक्ट की। कयामत से कयामत की कहानी और डायलॉग नासिर हुसैन ने ही लिखे थे। यह दोनों फिल्में आमिर के करियर में मील का पत्थर साबित हुईं। हिंदी सिनेमा में योगदान के लिए नासिर हुसैन को 1996 में फिल्मफेयर का स्पेशल अवॉर्ड दिया गया। आज ही के दिन 2002 में मुंबई में दिल का दौरा पड़ने से उनका निधन हो गया।
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