नसीरुद्दीन शाह
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उन्होंने आगे कहा, "हॉलीवुड ही हमारा एकमात्र संदर्भ बिंदु है। जैसे भारतीय खाना खाया जाता है, हमारी फिल्में भी उसी तरह देखी जाती हैं। हालांकि, भारतीय खाने में कम से कम कुछ स्वाद तो है। हिंदी बुलबुला एक दिन फूट जाएगा और मुझे अभी से इसके बारे में यकीन है क्योंकि हिंदी फिल्मों में अब सार की कमी है, उन्हें नए पैंतरे अपनाने की जरूरत है।"