नसीरुद्दीन शाह , दिलीप कुमार
- फोटो : Social Media
दिलीप साहब के अंतिम दर्शन न कर पाने का मलाल है
नसीरुद्दीन शाह ने मीडिया चैनल से खास बातचीत में ये भी कहा कि उनके दिल में ये मलाल हमेशा रहेगा कि वो दिलीप कुमार के अंतिम दर्शन नहीं कर पाए। उन्होंने कहा, 'सायरा बानो की ये बात सुनकर मैं काफी भावुक हो गया। मैं अस्पताल से छुट्टी मिलने से पहले एक बार बस उनसे मिलना चाहता था। लेकिन दुर्भाग्यपूर्ण जिस दिन मुझे छुट्टी मिली, उसी दिन दिलीप साहब ने इस दुनिया को अलविदा कह दिया।' इस खास बातचीत में नसीरुद्दीन शाह ने उन दिनों को भी याद किया जब वो संघर्ष कर रहे थे और उन्होंने दिलीप कुमार के घर पर कई दिन बिताए थे। उन्होंने कहा, 'मैं लगभग एक हफ्ते तक उनके घर पर रुका था। उन्होंने मुझसे कहा कि मुझे अपने घर लौट जाना चाहिए और पढ़ाई पर ध्यान देना चाहिए। अच्छे परिवार के लोगों को अभिनेता बनने की इच्छा नहीं रखनी चाहिए।'
इसके अलावा एक न्यूज आर्टिकल में नसीरुद्दीन शाह ने कहा है कि दिलीप कुमार भारत के एक बड़े स्टार थे, लेकिन उन्होंने हिंदी सिनेमा या नए कलाकारों को आगे बढ़ाने में कोई खास योगदान नहीं दिया। दिलीप कुमार ने अपनी एक्टिंग के जरिए फिल्मों में एक अलग मुकाम हासिल किया था, जिसकी नकल कई एक्टरों ने करने की कोशिश की थी लेकिन उनकी नकल पकड़ी जाती थी। दिलीप कुमार ने कभी भी अपने अनुभव का फायदा आगे नहीं बढ़ाया।