भूषण कुमार
- फोटो : अमर उजाला, मुंबई
एमटीवी हसल ने प्रतिभा, प्रदर्शन, तकनीक और कहानी कहने पर अपना ध्यान केंद्रित करते हुए भारत के उभरते रैप परिदृश्य से नई आवाजें पेश की हैं। भारत में रैप के लिए अंतिम मंच के रूप में काम करते हुए इस शो ने किंग, ईपीआर, एमसी स्क्वायर, सृष्टि तावड़े और पैराडॉक्स जैसे कलाकारों को ऊंचाइयों तक पहुंचाया है। 'एमटीवी हसल' ने 10 सप्ताह से कम समय में 100 से अधिक मूल रचनाओं पर काम किया है, जिसमें बॉलीवुड, सूफी, लोक और क्षेत्रीय रैप जैसी विविध संगीत शैलियों को शामिल किया गया है।
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