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Shershaah: कारगिल पर बनीं फिल्मों में बार बार चूके मुंबइया फिल्मकार, अब कसौटी पर करण जौहर का ‘शेरशाह’

Fri, 30 Jul 2021 09:03 AM IST
शुभांगी गुप्ता अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई
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कारगिल पर बनी फिल्में - फोटो : अमर उजाला, मुंबई
भारत चीन युद्ध पर बनी फिल्म ‘हकीकत’ हो या फिर भारत पाकिस्तान युद्ध पर बनी फिल्म ‘बॉर्डर’ दोनों में फौजियों की निजी जिंदगी के एहसासों को कुछ इस तरह इनके निर्देशकों ने दिखाया कि इन्होंने दर्शकों को रुलाकर रख दिया। सिनेमा का इतिहास भी यही कहता है कि युद्ध अगर आंखों में पानी ले आता है तो बॉक्स ऑफिस भी उन्हीं की कहानी कहता है। लेकिन, 21वीं सदी का हिंदी सिनेमा एहसासों को कहीं पीछे छोड़ आया सिनेमा है। अब यहां सिनेमा नहीं प्रोजेक्ट बनते हैं। उनकी मार्केंटिंग किसी प्रोडक्ट की तरह होती है। यहां तक कि इनकी पहली झलक भी आमतौर पर उन्हीं लोगों को दिखाई जाती है जो इस ‘प्रोडक्ट’ की शान में कसीदे गढ़ सकें। जो कंपनी फिल्मों के ओटीटी राइट्स खरीदती है, कई बार वही इनको मिलने वाले पुरस्कारों की प्रायोजक भी बन जाती है। आईएमडीबी का गोरखधंधा अब सामने आ ही चुका है तो कसौटियों के करप्ट होने के इस दौर में आखिर कारगिय युद्ध पर बना सिनेमा बार बार दर्शकों की कसौटी पर क्यों चूक जाता है, आइए समझने की कोशिश करते हैं।
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एलओसी कारगिल - फोटो : अमर उजाला, मुंबई
एलओसी कारगिल (2003)
भारत पाकिस्तान के बीच 1971 में हुए युद्ध पर  साल 1997 में फिल्म 'बॉर्डर' बनाने वाले निर्देशक जे पी दत्ता ने कारगिल युद्ध पर भी फिल्म बनाई, एलओसी कारगिल (LOC Kargil)। जे पी दत्ता ने फिल्म में हिंदी सिनेमा के बेहतरीन कलाकारों की फौज इकट्ठी की। संजय दत्त, सुनील शेट्टी, करण नाथ, अजय देवगन, अभिषेक बच्चन, सैफ अली खान, अक्कीनेनी नागार्जुन, अक्षय खन्ना, रानी मुखर्जी, मनोज बाजपेयी, आशुतोष राणा, करीना कपूर, ईशा देओल, रवीना टंडन, प्रीति झंगियानी और महिमा चौधरी जैसे सितारों की इस बारात की अगवानी बॉक्स ऑफिस पर दर्शकों ने नहीं की। फिल्म में कैप्टन विक्रम बत्रा का किरदार अभिषेक बच्चन ने निभाया और उनका किरदार लोगों को अरसे तक याद भी रहा लेकिन फिल्म नहीं चली। चार घंटे लंबी ये फिल्म बॉक्स ऑफिस पर चार हफ्ते भी शान से खड़ी नहीं रह सकी।
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धूप - फोटो : अमर उजाला, मुंबई
धूप (2003)
इस फिल्म का जिक्र यहां पर इसलिए कि युद्ध के साइडइफेक्ट्स पर हिंदी सिनेमा में इससे बेहतर फिल्म शायद ही दूसरी बनी हो। राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता अश्विनी चौधरी (Ashwini Chaudhary) के निर्देशन में बनी यह फिल्म सीधे तौर पर कारगिल युद्ध (Kargil War) पर आधारित तो नहीं है लेकिन उस युद्ध से इस फिल्म का नाता जरूर है। यह फिल्म कारगिल युद्ध में 17 जाट रेजीमेंट के हिस्सा रहे कैप्टन अनुज नय्यर के परिवार की कहानी है। युद्ध में अनुज नय्यर शहीद हो गए तो भारत सरकार ने पुरस्कार स्वरूप उनके परिवार को एक पेट्रोल पंप दिया। लेकिन, देश की नौकरशाही उस पेट्रोल पंप को चलाने के लिए अनुज के परिवार को अनुमति देने में नखरे करती है। यह फिल्म इसी मसले के इर्द-गिर्द घूमती है। फिल्म में ओमपुरी, रेवती, गुल पनाग, संजय सूरी और यशपाल शर्मा मुख्य भूमिकाओं में हैं। बॉक्स ऑफिस पर इस फिल्म को देखने भी ज्यादा दर्शक नहीं आए।

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स्टंप्ड - फोटो : अमर उजाला, मुंबई
स्टंप्ड (2003)
इस फिल्म का जॉनर वैसे तो स्पोर्ट्स ड्रामा है लेकिन कहानी का संबंध कारगिल युद्ध से भी है। फिल्म में अली खान और रवीना टंडन मुख्य भूमिकाओं में हैं। गौरव पांडे के निर्देशन में बनी इस फिल्म में वर्ष 1999 का क्रिकेट विश्व कप और कारगिल युद्ध दोनों एक साथ अपना प्रभाव छोड़ने की कोशिश करते हैं। जहां एक ओर लोग क्रिकेट विश्व कप में भारत के जीतने की कामना कर रहे थे, वहीं दूसरी तरफ फिल्म की मुख्य किरदार रीना आर सेठ कारगिल में युद्ध लड़ रहे अपने पति मेजर राघव सेठ की जीत की कामना कर रही थी। फिल्म कब आई और कब गई किसी को पता भी नहीं चला। हां, फिल्म के सिनेमाघरों से उतरने के बाद भी इसका विशाल पोस्टर जरूर जुहू चौपाटी के पास हफ्तों तक लोगों को नजर आता रहा।
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लक्ष्य - फोटो : अमर उजाला, मुंबई
लक्ष्य (2004)
फिल्म लक्ष्य (Lakshya) कारगिल युद्ध से प्रेरित जरूर है लेकिन इसकी कहानी एकदम काल्पनिक है। फिल्म में एक नाकारा निकम्मा लड़का करण शेरगिल होता है जिसका जिंदगी में कोई लक्ष्य नहीं है। वह ऐसे ही मजे मजे में भारतीय सेना में भर्ती हो जाता है। लेकिन, जब उसे पता चलता है कि एक सैनिक की जिंदगी तो बहुत मुश्किल होती है तो वह सेना छोड़ देता है। ऐसा काम करने की वजह से उसकी प्रेमिका रोमिला दत्ता उससे दूर हो जाती है। अपनी प्रेमिका की नजर में खुद को बहादुर साबित करने के लिए करण फिर से सेना में भर्ती हो जाता है और कारगिल युद्ध भी लड़ता है। फरहान अख्तर के निर्देशन में बनी इस फिल्म में ऋतिक रोशन, प्रीति जिंटा, अमिताभ बच्चन आदि कलाकारों ने मुख्य भूमिकाएं निभाई हैं। इतने बड़े बड़े सितारे भी कारगिल पर बनी फिल्मों को मिले बॉक्स ऑफिस अभिशाप से इस फिल्म को मुक्ति नहीं दिला पाए। फिल्म फ्लॉप रही।
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टैंगो चार्ली - फोटो : अमर उजाला, मुंबई
टैंगो चार्ली (2005)
जब भारत और पाकिस्तान के बीच कारगिल युद्ध छिड़ गया था, तब पूरे देश में जगह-जगह दंगे भी होने लगे थे। फिल्म टैंगो चार्ली (Tango Charlie) कारगिल युद्ध के साथ उन दंगों को भी समेटे हुए है। फिल्म की कहानी तरुण चौहान की है जो बीएसएफ का जवान है। कई चुनौतियों से लड़ने के बाद तरुण को उसकी बटालियन के साथ कारगिल पर भेजा जाता है। वहां उसे कुछ नई चुनौतियों का सामना करना पड़ता है और वही चुनौतियां उसके नसीब का भी फैसला करती है। मणि शंकर के निर्देशन में बनी इस फिल्म में बॉबी देओल, अजय देवगन, संजय दत्त, सुनील शेट्टी, नंदना सेन और तनीषा मुखर्जी ने मुख्य भूमिकाएं निभाई हैं। फिल्म बॉक्स ऑफिस पर पहले सप्ताहांत भी धड़ाम हो गई थी।
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मौसम - फोटो : अमर उजाला, मुंबई
मौसम (2011)
जबर्दस्त अभिनेता पंकज कपूर अपने बेटे शाहिद कपूर को लेकर निर्देशन के मैदान में उतरे और बनाई फिल्म ‘मौसम; (Mausam), इस फिल्म में कारगिल युद्ध एक छोटा सा हिस्सा है। फिल्म में आयत एक कश्मीरी लड़की है जिसको स्क्वाड्रन लीडर हरेंद्र सिंह से मोहब्बत हो जाती है। इन दोनों की प्रेम कहानी को रुचिकर बनाने के लिए एक नहीं बल्कि कई बड़ी परेशानियों को दिखाया गया है जिसमें बाबरी विध्वंस, मुंबई दंगे, 1993 मुंबई बम ब्लास्ट, कारगिल युद्ध, 9/11 हमला और गोधरा कांड शामिल हैं। इन सभी परेशानियों से निपटने के बाद आयत और हरेंद्र की जिंदगी में हैप्पी एंडिंग होती है। फिल्म में शाहिद कपूर, सोनम कपूर, श्याम मुंशी, सुप्रिया पाठक और अनुपम खेर मुख्य भूमिकाओं में हैं। लोगों को फिल्म की रिलीज के पहले इसके गाने खासे पसंद आए लेकिन फिल्म रिलीज हुई तो तमाम लोग इसे देखने सिनेमाघरों तक गए ही नहीं।

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गुंजन सक्सेना- द कारगिल गर्ल - फोटो : अमर उजाला, मुंबई
गुंजन सक्सेना- द कारगिल गर्ल (2020)
अभिनेत्री जान्हवी कपूर की फिल्म ‘गुंजन सक्सेना द कारगिल गर्ल’ (Gunjan Saxena The Kargil Girl) कारगिल पर बनी फिल्मों में पहली ऐसी फिल्म रही जिसे लोगों ने पसंद किया। फिल्म सिनेमाघरों में रिलीज नहीं हो सकी और इसे सीधे ओटीटी पर ही रिलीज किया गया। फिल्म में लोगों को गुंजन सक्सेना का किरदार कर रही जान्हवी कपूर का अभिनय खास पसंद आया और उनके पिता बने पंकज त्रिपाठी ने भी फिल्म को मजबूती दिलाने में काफी सहयोग किया। यह कहानी कारगिल युद्ध में एयर फोर्स की पायलट रहीं गुंजन सक्सेना की है। गुंजन सक्सेना युद्ध के समय उड़ान भरने वाली एयरफोर्स की पहली महिलाओं में शामिल रही हैं। 
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शेरशाह  - फोटो : अमर उजाला, मुंबई
शेरशाह 
करण जौहर की ये फिल्म कारगिल युद्ध में अहम भूमिका निभाने वाले कैप्टन विक्रम बत्रा (Capt Vikram Batra) की बायोग्राफी बताई जा रही है। फिल्म के प्रचार में करण जौहर की मदद भारतीय सेना भी कर रही है। फिल्म का ट्रेलर भी भारतीय सेना की मदद से कारगिल में ही लॉन्च किया गया हालांकि विक्रम बत्रा के किरदार अभिनेता सिद्धार्थ मल्होत्रा लोगों को खास पसंद नहीं आ रहे हैं। यह फिल्म पिछले साल 3 जुलाई को रिलीज होने वाली थी लेकिन कोरोना वायरस की वजह से फिल्म की रिलीज को टाल दिया गया है। पूरी तरह तैयार होकर डेढ़ साल से डिब्बे में पड़ी इस फिल्म को प्राइम वीडियो ने मोटी रकम देकर खरीदा है। करण जौहर आमतौर पर ओटीटी नेटफ्लिक्स के लिए मनोरंजन सामग्री बनाते रहे हैं, प्राइम वीडियो के साथ ये उनका पहला रिश्ता माना जा रहा है। सिद्धार्थ मल्होत्रा के साथ फिल्म में कियारा आडवाणी, शिव पंडित आदि कलाकार अहम भूमिकाओं में हैं।
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