भाग्यश्री और सूरज बड़जात्या
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भाग्यश्री ने एक बातचीत के दौरान बताया, 'यह बहुत ही हास्यास्पद था। सूरज जी के पिता राज बाबू मेरे पिता को सामाजिक रूप से जानते थे। उन्होंने मेरे पिता को फोन किया और कहा कि आपसे मिलना है, मैं अपने बेटे को लेके आ रहा हूं। जाहिर है, हम दोनों के पिताओं के बीच यह चर्चा पहले भी हुई होगी। हमें इसकी जानकारी नहीं थी। वह हमारे गार्डन में बैठे और फिर उन्होंने मुझे बुलाया। सूरज जी और उनके पिता एक तरफ बैठे थे और मेरे माता-पिता दूसरी तरफ बैठे थे।'