एकता कौल और पंकज त्रिपाठी
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई
फिल्म को सेंसर करते समय देखने वालों की नम आंखें बताती हैं कि फिल्म ‘मैं अटल हूं’ एक बहुत ही भावुक प्रेम कहानी भी है। अटल और राजकुमारी ग्वालियर में बिछड़ने के बरसों बाद तब मिलते हैं जब राजकुमारी की बेटी उसी कार्यक्रम में अटल बिहारी वाजपेयी की कविता सुनाती है, जिसमें वह मुख्य अतिथि के रूप में आते हैं। ये बिटिया ही अटल और राजकुमारी को फिर से मिलाती है। निजी जीवन में इसी बिटिया को आगे चलकर अटल अपनी दत्तक पुत्री बनाते हैं। यही बेटी उनकी चिता को मुखाग्नि भी देती है।