फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

EXCLUSIVE Main Atal Hoon: वाजपेयी की प्रेमकथा देख भर आईं सेंसर बोर्ड सदस्यों की आंखें, कल रिलीज हो रही फिल्म

विज्ञापन
1 of 5
मैं अटल हूं पोस्टर और एकता कौल - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई
सबसे ज्यादा लोकप्रिय भारतीय नेताओं में शुमार देश के पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की जिंदगी का एक अनोखा पहलू इस शुक्रवार को सिनेमाघरों में दिखने वाला है। बायोपिक के बाजीगर कहलाने वाले निर्माता विनोद भानुशाली की नई फिल्म ‘मैं अटल हूं’ को केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड (सेंसर बोर्ड) ने यूए प्रमाणन के साथ बिना किसी कट के पारित कर दिया है और इसी के साथ ही अब अटल बिहारी वाजपेयी के जीवन का सबसे आकर्षक पहलू यानी कि उनकी प्रेम कथा का विस्तार इस फिल्म में दिखना तय हो गया है। दो घंटे 20 मिनट की इस फिल्म को देखते हुए सेंसर बोर्ड के कई सदस्यों की आंखें नम हो आईं।

Pankaj Tripathi Interview: ईश्वर सबके साथ नहीं रह सकता, वह माता-पिता के रूप में मिलता है
विज्ञापन

2 of 5
पंकज त्रिपाठी और एकता कौल - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई
25 दिसंबर 1924 को ग्वालियर में जन्मे अटल बिहारी वाजपेयी का 16 अगस्त 2018 को दिल्ली में निधन हुआ तो उनके अंतिम संस्कार के समय उनको मुखाग्नि नमिता भट्टाचार्य ने दी। नमिता की मां राजकुमारी कौल अपने पति बृजशरण कौल के साथ वाजपेयी के प्रधानमंत्री बनने के बाद उनके सरकारी आवास में लंबे समय तक रहीं। राजकुमारी और अटल बिहारी वाजपेयी के रिश्तों को लेकर सियासी गलियारों में दबी जुबान खूब बातें हुआ करती थीं, लेकिन कभी किसी ने दोनों के रिश्तों को लेकर कुछ भी अप्रिय नहीं कहा। अब पहली बार ये कहानी किसी फिल्म के परदे पर उतरने वाली है।

विज्ञापन

3 of 5
मैं अटल हूं पोस्टर और एकता कौल - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई
फिल्म ‘मैं अटल हूं’ में वैसे तो अटल बिहारी वाजपेयी के बटेश्वर में बीते बचपन से लेकर ग्वालियर और कानपुर में उनकी पढ़ाई के दौरान घटे रोचक किस्से हैं। वाजपेयी के पिता बने पीयूष मिश्रा की मस्ती के साथ ही ये फिल्म मुख्य रूप से वाजपेयी के सियासी संघर्ष की कहानी है। कांग्रेस शासन के दौरान बैलगाड़ी में संसद पहुंचने के उनके दृश्य फिल्म के ट्रेलर में नजर आए ही हैं। जनता पार्टी सरकार में विदेश मंत्री रहने के दौरान संसद के गलियारे से हटाई गई देश के पहले प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू की तस्वीर भी वाजपेयी ने ही वापस लगवाई थी। सियासी दिनों की शुरुआत में वाजपेयी ने छात्र राजनीति में बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया और फिल्म के मुताबिक इसी दौर में अटल और राजकुमारी पहली बार मिले।

4 of 5
एकता कौल, उनका बेटा वेद और मां विमी कौल - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई
फिल्म ‘मैं अटल हूं’ में राजकुमारी का किरदार अभिनेत्री एकता कौल ने निभाया है। कॉलेज में छात्रसंघ के चुनाव के दौरान प्रचार करते अटल की वाणी पर मोहित हुईं राजकुमारी की आंखें पहली बार ही हीरे को परख लेती हैं। दोनों मिलते हैं। दोनों में प्रेम पनपता है। अटल अपनी इस प्रेयसी को एक प्रेम पत्र भी लिखते हैं। फिल्म का सबसे दमदार गीत ‘अनकहा’ भी इसी प्रसंग में फिल्माया गया है। और फिर जैसा कि हर सच्ची प्रेम कहानी में होता है, दोनों बिछड़ जाते हैं। लेकिन, फिल्म की कहानी की ये अंतर्कथा बहुत ही मार्मिक तरीके से इसके निर्देशक रवि जाधव ने रची है। 

पंकज त्रिपाठी की मेहनत परदे पर नजर आएगी, उनमें मिलते ही अपना बना लेने का खास हुनर है
विज्ञापन
विज्ञापन

5 of 5
एकता कौल और पंकज त्रिपाठी - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई

फिल्म को सेंसर करते समय देखने वालों की नम आंखें बताती हैं कि फिल्म ‘मैं अटल हूं’ एक बहुत ही भावुक प्रेम कहानी भी है। अटल और राजकुमारी ग्वालियर में बिछड़ने के बरसों बाद तब मिलते हैं जब राजकुमारी की बेटी उसी कार्यक्रम में अटल बिहारी वाजपेयी की कविता सुनाती है, जिसमें वह मुख्य अतिथि के रूप में आते हैं। ये बिटिया ही अटल और राजकुमारी को फिर से मिलाती है। निजी जीवन में इसी बिटिया को आगे चलकर अटल अपनी दत्तक पुत्री बनाते हैं। यही बेटी उनकी चिता को मुखाग्नि भी देती है।

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें