पंडित जसराज
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'मैं नहीं मानता संगीत के क्षेत्र में मेरा कोई योगदान है'
पंडित जसराज ने बीबीसी हिंदी के साथ 2005 में एक बातचीत में कुछ दिलचस्प बातें शेयर की थीं। इस इंटरव्यू में अपनी संगीत यात्रा के बारे में पंडित जसराज ने कहा था, 'यह कह पाना बहुत कठिन है कि कितनी सांसें लेनी हैं, कितने कार्यक्रम करने हैं। मैं नहीं मानता कि संगीत के क्षेत्र में मेरा कोई योगदान है। मैं कहां गाता हूं। मैंने कुछ नहीं किया है। मैं तो केवल माध्यम मात्र हूं। सब ईश्वर और मेरे भाईजी की कृपा और लोगों का प्यार है। कई बार ऐसा होता है कि गाते-गाते स्वरों को खोजने लगता हूं, ढूंढने लगता हूं कि कहीं से कोई सुर मिल जाए। उस दिन लोग कहते हैं कि आपने तो आज ईश्वर के दर्शन करा दिए और जिस दिन मुझे लगता है कि मैंने बहुत अच्छा गाया, कोई पूछ बैठता है, पंडित जी, आज क्या हो गया था।'