अनुपम खेर
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अनुपम ने कहा, “अभिनेताओं और मनोरंजन जगत से जुड़े लोगों को योद्धा नहीं माना जाता है। मैंने व्यक्तिगत तौर पर हर उस चीज के बारे में आवाज उठाई है, जिसने मुझे परेशान किया है और उसके परिणाम भी भुगते हैं। इसकी वजह से मैं कई लोगों के बीच अलोकप्रिय भी हो गया, लेकिन इससे कोई फर्क नहीं पड़ता। दिन के अंत में में मैं अपने विचारों के साथ शांति से सोता हूं।" अभिनेता ने कहा कि मुद्दों को हल करने का आदर्श तरीका बातचीत है। महात्मा गांधी द्वारा किए गए आंदोलन की वजह से हम एक स्वतंत्र देश हैं। हम भारत छोड़ो आंदोलन, असहयोग आंदोलन का परिणाम हैं, लेकिन उस समय सभी देशवासी एक साथ थे, यह सभी के लिए था न कि सिर्फ कुछ लोगों की मदद के लिए।