जावेद अख्तर
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आपको बता दें, जावेद अख्तर के परदादा फजल-ए-हक खैराबादी 1857 की क्रांति में शामिल थे। उन्हें अंडमान निकोबार स्थित काला पानी जेल में रखा गया, जहां उन्होंने अपनी अंतिम सांस ली थी। जावेद अख्तर के पीएमसे सवाल वाले ट्वीट पर बवाल मच गया था। कुछ यूजर्स ने लिखा था- अगर आप किसी भी अपराध के खिलाफ हैं, तो आपको किसी भी जाति, धर्म या व्यक्तिगत पसंद के बावजूद इसका विरोध करना होगा।