कंगना रणौत
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कंगना रणौत के बयान की बात करे तो उन्होंने कहा था कि, 'खून बहना चाहिए लेकिन वह हिंदुस्तानी खून नहीं होना चाहिए। उन्हें इसकी जानकारी थी और उन्हें इसकी कीमत चुकानी पड़ी। हमें जो मिली वह आजादी नहीं भीख थी, असली आजादी साल 2014 के बाद मिली'। कंगना का यहां मतलब मोदी सरकार से है जब नरेंद्र मोदी पीएम के पद पर आसीन हुए।