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Happy Friendship Day 2021: इन फिल्मों ने सिखाया फ्रेंडशिप का मतलब, मिसाल बन गई जय-वीरू की दोस्ती

Sun, 01 Aug 2021 10:00 AM IST
अपूर्वा राय एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला
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FriendShip day - फोटो : इंस्टाग्राम

इस रविवार को फ्रेंडशिप डे है। एक दोस्त हमारे जीवन में बहुत महत्व रखता है, और हर कोई एक दोस्त की कंपनी का आनंद लेता है। सच्ची दोस्ती हासिल करना एक वास्तविक उपहार है। बॉलीवुड ने भी अपनी फिल्मों के जरिए दोस्ती के महत्व को बताने की कोशिश की है। इस विषय पर न जानें कितनी फिल्में बनी हैं, न जानें कितने गानें आपकी दोस्ती पर फिल्माए गए हैं, जो सुपर-डुपर हिट भी रहे हैं।

'दिल चाहता है'
तीन दोस्तों की दिल को छू लेने वाली कहानी थी फिल्म 'दिल चाहता है'। 'दिल चाहता है' में विचारों में अंतर होने के बाद भी तीन दोस्त एक-दूसरे का नजरिया समझने की कोशिश करते हैं। 10 अगस्त 2001 में रिलीज फरहान अख्तर निर्देशित यह फिल्म ने लोगों के दिलों में खास जगह बनाई है। 120 मिलियन के बजट में बनी दिल चाहता है का बॉक्स ऑफिस कलेक्शन 456 मिलियन था ।

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3 idiots - फोटो : इंस्टाग्राम
थ्री इडियट्स
'थ्री इडियट्स' में तीन दोस्त तीन अलग-अलग तरह की मानसिकताओं का प्रतिनिधित्व करते हैं लेकिन उनकी दोस्ती में कभी दरार नहीं आती। ये फिल्म सुपरहिट साबित हुई थी। इंजीनियरिंग कॉलेज के बैकग्राउंड पर बनीं यह फिल्म शिक्षा पद्घति पर बदलावों पर खुला विमर्श करती है। आमिर, माधवन और शरमन की ये फिल्म आज भी दोस्ती की मिसाल कायम करती है।
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रंग दे बसंती - फोटो : Social Media
रंग दे बसंती
राकेश ओमप्रकाश मेहरा निर्देशित यह फिल्म भी दोस्ती की कहानी को शानदार तरीके से कहती है। देशप्रेम और दोस्ती के पुट के साथ। दिल्ली विश्वविद्यालय के 5 छात्र अपनी सामाजिक जवाबदेही निभाते हुए किस तरह से देश की सुर्खियों बन जाते हैं यह फिल्म इसी विषय पर फोकस करती है। अलग-अलग सामाजिक और आर्थिक वर्ग से आने वाले यह दोस्त एक सपने के साथ आगे बढ़ते हैं और टीम बनाकर उसे पूरा करते हैं।

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zindagi na milegi dobara - फोटो : सोशल मीडिया
जिंदगी न मिलेगी दोबारा
फिल्म 'जिंदगी न मिलेगी दोबारा' दोस्ती की कहानी कुछ अलग ढंग से कहती है। यह फिल्म जीवन में दोस्ती के महत्व को अंडरलाइन करती हुई चलती है। यह फिल्म बताती है कि जीवन में खुद से बात से करना, अपने सपनों से बात करना और अपने दोस्तों से बात करना कितना जरूरी है।
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शोले फिल्म का एक दृश्य - फोटो : सोशल मीडिया
शोले
दोस्ती की बात हो और फिल्म 'शोले' का जिक्र न हो कैसे हो सकता है। 1975 में आई फिल्म शोले में जय-वीरू की दोस्ती हिंदी सिनेमा की आइकॉनिक फ्रेंडशिप में शुमार हो गई। दोनों हमेशा साथ रहते थे और एक-दूसरे पर जान छिड़कने को तैयार रहते थे। 
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