प्रियंका चोपड़ा ओर विशाल भारद्वाज
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई
एक आखिरी सवाल ये है कि फिल्म में आपने स्पेशल थैंक्स में प्रियंका चोपड़ा का नाम लिखा है, तो उनका क्या योगदान है फिल्म ‘खुफिया’ के लिए?
अरे, आपने तो क्या कमाल की चीज नोट की है। फिल्म में जो अमेरिका का हिस्सा है, उसे हम कनाडा में शूट कर रहे थे। कनाडाई दूतावास हमें यहां दिलासा देता रहा, हमारे कोई 40 लोगों के वीजा थे, दे देंगे, हो जाएगा। और, सब कुछ हमारा तय हो गया। हमने पैसे जमा कर दिए। वहां लोकेशन वगैरह सब कर ली और सिर्फ नौ लोगों के वीजा मिले। तो नौ लोग हम लोग यहां से गए इनमें कलाकार भी शामिल थे। जब हम वहां पहुंचे शूटिंग से दो दिन पहले तो न हमारे पास हमारा कॉस्ट्यूम डिजाइनर था, मेकअप, हेयर कोई नहीं आया। तब्बू के साथ कोई नहीं था, न बॉय न मेकअप, कुछ नहीं था। सिर्फ एक्टर्स को वीजा दिए। मुझे वीजा दिया। मेरे एसोसिएट को वीजा दिया। संयोगवश हमारा डीओपी (डायरेक्टर ऑफ फोटोग्राफी) अमेरिका से था तो उसको वीजा की जरूरत नहीं थी। मुझे समझ नहीं आ रहा था कि शूटिंग कैसे होगी। जैसे परसों से शूटिंग होनी है और आज हम बैठे हुए हैं कि कोई है ही नहीं। कोई आने वाली भी नहीं। प्रियंका एलए (लॉस एंजिलिस) में थी मैंने उसको फोन किया कि हम लोग ऐसे फंस गए हैं क्या करें। वो संडे का दिन था। वो कितनी कमाल की औरत है, कितनी कमाल की इंसान है। उसने संडे को पूरा लगके अपनी पूरी टीम बिठाई। उसने अमेरिका से, कनाडा से जहां जहां से जो भी लोग हो सकते थे, सब फिक्स कराई और हमारी शूटिंग शुरू कराई। अब ये तो कोई दोस्त ही कर सकता है और कोई अच्छा इंसान ही कर सकता है।