'जट ते जमीन' का पोस्टर
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यही चिढ़ वीरेंद्र सिंह की जान की दुश्मन बन बैठी। 1988 की बात है.. उस वक्त वीरेंद्र सिंह फिल्म 'जट ते जमीन' की शूटिंग कर रहे थे और शूट के दौरान ही उनकी हत्या कर दी गई। वीरेंद्र की उस हत्या में किन लोगों का हाथ था ये पता नहीं चल पाया, लेकिन कहा जाता है कि उनकी लोकप्रियता ही उनकी जान की दुश्मन बन बैठी थी।