दादा साहब फाल्के
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फिल्म बनाने के लिए सबसे पहले पैसों की जरूरत थी। कला नई थी, कलाकार भी नया था, इसलिए कोई भी फिल्मों में पैसा नहीं लगाना चाहता था। लोगों को यकीन नहीं था कि दादा साहब फिल्म बना भी पाएंगे। लेकिन दादा साहेब ने प्रोड्यूसर को यकीन दिलाने के लिए पौधों के विकास पर छोटी फिल्म बनाई। तब जाकर दो लोग उन्हें पैसा देने के लिए राजी हुए। पर ये काफी नहीं था। दादा साहब ने अपनी पत्नी के गहने गिरवी रखे। संपत्ति भी गिरवी रखी। कर्ज भी लिया।