फिल्म निर्माता आयशा सुल्ताना मामले की आज यानी 17 जून को सुनवाई होनी थी। केरल उच्च न्यायालय ने आयशा की अग्रिम जमानत वाली याचिक पर फैसला सुरक्षित रखा है। कोर्ट का कहना है कि आयशा को सीआरपीसी की धारा 41ए के तहत पूछताछ के लिए पुलिस के सामने पेश होना होगा। इसके साथ ही स्पष्ट तौर पर कहा गया है कि गिरफ्तारी की स्थिति में आयशा को अंतरिम जमानत पर रिहा किया जाना चाहिए। आयशा ने अपने खिलाफ राजद्रोह के मामले में अग्रिम जमानत के लिए केरल उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया था। दरअसल, पिछले दिनों एक टीवी चैनल डिबेट के दौरान फिल्म निर्माता आयशा सुल्ताना ने कहा कि लक्षद्वीप में अभी तक कोरोना का एक भी केस नहीं था, लेकिन अब हर रोज 100 मामले सामने आ रहे हैं। मैं स्पष्ट तौर पर कह सकती हूं कि केंद्र सरकार ने बायो वेपन के तौर पर प्रशासक प्रफुल्ल पटेल की तैनाती की है। वह यहां पर अलोकतांत्रिक, जनविरोधी नीतियों को लागू कर रहे हैं, जिससे कोरोना के मामले लगातार बढ़ रहे हैं।
राजद्रोह मामला: आयशा सुल्ताना की अग्रिम जमानत वाली याचिका पर कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रखा