प्रियामणि
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बच्चों को समय देने को लेकर प्रियामणि कहती हैं,‘हमारे क्षेत्र में या बिजनेस के क्षेत्र में लोगों के पास अपने बच्चों को देने के लिए समय ही नहीं होता। लेकिन अब ऐसा हो गया है कि अब पूरा वक्त परिवार को ही देना पड़ता है। यह दरअसल भगवान का ही बनाया खेल है। मेरी एक कजिन है। उसकी बेटी है। जब उससे मैं बात करती हूं तो बताती है कि वह खेलने में मस्त रहती है। कार्टून देखती है। और आजकल मैं वीडियोज भी बहुत देख रही हूं जहां मैं देख रही हूं कि माता-पिता अपने बच्चों को हर चीज में घुलने मिलने के लिए बोलते हैं। ये बदलाव काफी अच्छा है।’वेब सीरीज 'द फैमिली मैन' में प्रियामणि का किरदार है तो एक मां का किरदार, लेकिन वह वैसा किरदार नहीं है जैसा आमतौर पर हिंदी सिनेमा या सीरीज में दिखाया जाता है। वह कहती हैं, ‘आजकल माता पिता और बच्चे एक साथ दोस्त बनाकर रह रहे हैं। मां-बेटी, मां-बेटा, पिता-बेटा सब साथ मिल बैठ रहे हैं, बातचीत करते हैं, खेल रहे हैं। पिता बेटा, मां बेटा सब एक दूसरे के करीब आ रहे हैं। जिस तरह मेरी परवरिश हुई है और आज कल जैसे बच्चों की परवरिश होती है उसमें बहुत अंतर है। मेरा तो पिटाई के बिना दिन ही नहीं पूरा होता था।’