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बॉलीवुड ने खुलकर अपनाए हैं बाइसेक्शुअल रिलेशनशिप, कभी फिल्मों ने खूब की कमाई तो कभी सेंसर बोर्ड को करनी पड़ी बैन

Wed, 16 Dec 2020 08:56 PM IST
प्रतीक्षा राणावत एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला
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समलैंगिक रिश्तों पर आधारित फिल्में - फोटो : फाइल फोटो
बॉलीवुड अक्सर किसी ना किसी सामाजिक मुद्दे को उठाती हैं। कई फिल्में आम जिंदगी से जुड़ी हुई होती हैं। तो वहीं कई फिल्में ऐसी भी होती हैं जो समाज में दबाए जा रहे कुछ नाजुक मुद्दों को उठाती हैं। ऐसा ही समाज में फैला एक नाजुक मुद्दा है बाइसेक्शुअल रिलेशनशिप। बॉलीवुड ने कई फिल्मों के माध्यम से इसे बखूबी दिखाया है। फिल्मकारों और अभिनेताओं ने स्टीरियोटाइप को तोड़ते हुए एलजीबीटी समुदाय और किरदारों पर फिल्में बनाई हैं। इस पैकेज में आपको बताते हैं उन्हीं फिल्मों के बारे में जिन्होंने खुलकर बाइसेक्शुअल रिलेशन को बड़े पर्दे पर दिखाया है।
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फायर - फोटो : फिल्म
फायर
1996 में रिलीज हुई फिल्म 'फायर' में शबाना आजमी और नंदिता दास ने होमो-सेक्शुअल किरदार निभाकर सभी को हैरान कर दिया था। नंदिता और शबाना ने जिस जमाने में उस समय में इस तरह का किरदार निभाया था जिस समय एलजीबीटी समुदाय के बारे में बात करने पर भी पाबंदी थी। फिल्म में दोनों ही महिलाएं अपने पतियों से परेशान रहती हैं और एक दूसरे से प्यार करने लगती हैं। कई संगठनों से इस फिल्म का विरोध किया था, जिसके चलते इस पर बैन लगा दिया गया।
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मार्गरीटा विद अ स्ट्रॉ - फोटो : social media
मार्गरिटा विद ए स्ट्रॉ
'मार्गरिटा विद ए स्ट्रॉ' इस फिल्म में कल्की केकलां ने टीनेजर लैला का किरदार निभाया है। जिसे ब्लाइंड गर्ल खानुम से प्यार हो जाता है। ये फिल्म दर्शखों को इम्प्रैस करने में तो सफल रही लेकिन कल्कि के काम की खूब सराहना हुई थी।

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अनफ्रीडम - फोटो : फाइल
अनफ्रीडम
फिल्म 'अनफ्रीडम' (Unfreedom) भी इस लिस्ट में शुमार होती है। इस फिल्म का निर्माण साल 2014 में किया था। इसे इसलिए बैन कर दिया गया क्योंकि यह समलैंगिक रिश्तों पर आधारित थी। फिल्म में ज्यादा अश्लीलता होने के वजह से सेंसर बोर्ड ने इसे रिलीज करने की मंजूरी नहीं दी थी।
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शुभ मंगल ज्यादा सावधान - फोटो : सोशल मीडिया
शुभ मंगल ज्यादा सावधान
इसी साल रिलीज हुई फिल्म 'शुभ मंगल ज्यादा सावधान' इसी मुद्दे पर आधारित थी। फिल्म में आयुष्मान खुराना और जितेन्द्र कुमार मुख्य भूमिका में थे। फिल्म में दोनों अभिनेताओं को एक दूसरे से प्यार हो जाता है लेकिन उनका परिवार इस रिश्ते को नहीं मानता। इन दोनों के रिश्ते को सोसाइटी में कैसे देखा जाता है और इस बीच दोनों की शादी कैसे होती है फिल्म की कहानी इस पर आधारित है।
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ek ladki ko dekha to esAa lga
एक लड़की को देखा तो ऐसा लगा
साल 2019 में रिलीज हुई फिल्म 'एक लड़की को देखा तो ऐसा लगा' इसी मुद्दे पर आधारित थी। फिल्म में अभिनेत्री सोनम कपूर मुख्य भूमिका में थीं। सोनम फिल्म में लेस्बियन के किरदार में थीं जो एक पंजाबी ट्रेडिशनल और कंजर्वेटिव फैमिली से ताल्लुक रखती हैं। सोनम को अपनी दोस्त स्वीटी से प्यार हो जाता है। वो अपनी असलियत छुपाने की पूरी कोशिश करती हैं। फिल्म में दिखाया गया है कि क्यों समाज को बाइसेक्शुअल लोगों की तरफ नजरिया बदलने की जरूरत है।
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अलीगढ़
अलीगढ़
फिल्म अलीगढ़ भारतीय लेखक रामचंद्र सिरस पर आधारित थी। जिनका किरदार फिल्म में मनोज बापेयी ने निभाया था। फिल्म में प्रोफेसर पर स्टिंग ऑपरेशन कर उनके बाइसेक्सुअल होने का खुलासा कर उन्हें अपमानित किया जाता है। इस फिल्म को हर तरह से खूब सराहना मिली थी। वहीं फिल्म में मनोज बाजपेयी को उनके बेहतरीन अभिनय के लिए दादासाहेब फाल्के अवॉर्ड से भी नवाजा गया था।

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