अनुराग कश्यप
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पिछले कुछ वर्षों में नारीवादी सिनेमा में पुरुषों को टॉक्सिक दिखाए जाने में हुई वृद्धि के बारे में जब उनसे पूछा गया तो इसके जवाब में उन्होंने कहा कि हर फिल्मकार को हर तरह की फिल्म बनाने का अधिकार होना चाहिए। फिल्म निर्देशक ने केजीएफ और सालार के मेकर्स का उदाहरण देते हुए उन्हें ईमानदार और अवसरवादी बताया, जो पैसा कमाने और सफल फिल्में बनाने को लेकर काफी स्पष्ट हैं।