अमर प्रेम
- फोटो : अमर उजाला आर्काइव, मुंबई
रात की शूटिंग में सनी फिल्म ‘अमर प्रेम’
राजेश खन्ना को भी ये एहसास हुआ कि उन्होंने शायद जरूरत से ज्यादा फिल्में हाथ में ले ली हैं और शायद इसी के चलते उन शक्ति सामंत की ये फिल्म उन्हें न मिल पाए जिन्होंने उन्हें सुपरस्टार बनाया। लेकिन, उस्ताद आखिर उस्ताद ऐसे ही नहीं होता। वह शागिर्द की मनोदशा तुरंत भांप लेता है। शक्ति सामंत ने कहा, ‘काका तुम लगातार शूटिंग कर रहे हो मुझे पता है। लेकिन मुझे ये भी पता है कि तुम शाम 6.30 बजे के बाद शूटिंग नहीं करते। तो मैं तुम्हारे साथ शाम 6.30 बजे के बाद शूटिंग करूंगा।’ बात बन गई। राजेश खन्ना ने पहली बार अपने करियर में देर रात तक लगातार छह महीने बस इसी एक फिल्म की शूटिंग की है। शक्ति सामंत ने अपनी शूटिंग की पूरी योजना कुछ इस तरह बनाई कि दोपहर दो बजे की शिफ्ट में शर्मिला टैगोर आतीं, अपने हिस्से की शूटिंग करतीं और फिर शाम 6.30 बजे के बाद राजेश खन्ना आते तो दोनों के साथ वाले दृश्यों की शूटिंग होती। फिल्म ‘अमर प्रेम’ की पूरी शूटिंग स्टूडियो के अंदर हुई है। सिर्फ दो दिन के लिए फिल्म की यूनिट आउटडोर गई। एक तो फिल्म के पहले दृश्य के लिए जिसमें शर्मिला टैगोर पर एसडी बर्मन का गाया गाना फिल्माया गया है, ‘डोली में बिठाई के कहार..’। ये शूटिंग मुंबई के करीब नालासोपारा नामक जगह पर हुई। और, दूसरे दिन फिल्म की यूनिट तब बाहर गई, जब फिल्म का आखिरी दृश्य फिल्माया गया कोलकाता में, जहां शर्मिला टैगोर औऱ विनोद मेहरा के रिक्शे वाले सीन शूट किए गए।