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Bhojpuri Chhath Geet: हर घर में बजते हैं छठ के ये पारंपरिक गीत, भक्तिमय हो जाता है वातावरण

Mon, 08 Nov 2021 10:17 AM IST
अपूर्वा राय एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला
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छठ गीत - फोटो : सोशल मीडिया
देश विदेश में छठ महापर्व की तैयारियां शुरू हो चुकी हैं। बिहार, झारखंड और पूर्वांचल के इलाकों में छठ के व्रत का काफी महत्व माना जाता है। छठ पूजा की तैयारी महीने भर से ही शुरू हो जाती है। वहीं 4 दिनों तक चलने वाले इस पर्व की महिमा का गुणगान जितना किया जाए कम है। छठ में गीतों का भी बहुत महत्व होता है। इस पर्व के दौरान घरों में छठी मइया के गीत भी गाए जाते हैं और लगभग भोजपुरी के सभी गायक छठ पर्व के दौरान गाने बनाते हैं जो खूब सुने भी जाते हैं। चलिए आज हम आपको सुनाते हैं छठ के कुछ पुराने गीत जो हर वक्त सुने जाते हैं।
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'ऊ जे केरवा जे फरेला घवध से, ओह पर सुगा मेड़राए' छठ महापर्व पर अनुराधा पौडवाला का ये गीत खूब सुना जाता है। 



 
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पवन सिंह ने भी छठ पर कई गीत गाए हैं। उनका गीत 'जोड़े-जोड़े फलवा सुरुज देव...' भी छठ पर खूब सुना जाता है।

छठी मइया होई जा सहइया...देसवा के होई कल्याण...धइलें नरेंद्र मोदी माथे दऊरवा...फिर से बनइहा परधान...। गाने का अर्थ है- अगर छठी मइया सहायक हो जाए तो देश का कल्याण हो जाएगा। इतना ही नहीं देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी छठ मइया से फिर से प्रधानमंत्री बनने के लिए प्रार्थना कर रहे हैं। पवन सिंह की आवाज में यह गाना खूब सुना जाता है।

 
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अनुराधा पौडवाल की आवाज में  'उउगा हो सुरुजदेव भिन भिनसरवा , अरघ केर-बेरवा , पूजन केर-बेरवा हो' गीत भी सुबह अर्घ्य के समय खूब सुना जाता है।
 
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