आशुतोष राणा
- फोटो : Facebook- @Ashutosh Rana
वहीं, एक अन्य यूजर ने शायराना अंदाज में लिखा कि 'वाह वाह दादा, बहुत सच्ची बात कही आपने। चारागर भी दिखता है वो और कभी बेचारा भी। उम्मीदों से जिंदा भी हैं, उम्मीदों ने मारा भी। कब उसको है चैन मिला, वो कब ऐश-ओ-आराम किया। अपनों से वो जब-जब जीता, अंदर-अंदर हारा भी।'