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'सारांश' नहीं ये थी अनुपम खेर की पहली फिल्म, दमदार अभिनय से सबका दिल जीतने वाले अभिनेता के बारे में जानें सबकुछ

Sun, 07 Mar 2021 08:23 AM IST
स्वाति सिंह एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला
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अनुपम खेर - फोटो : अमर उजाला
लगभग तीन दशक से बॉलीवुड में राज करने वाले अभिनेता अनुपम खेर का आज यानी 7 मार्च को जन्मदिन है। साल 1984 में आई फिल्म सारांश से उन्हें पहचान मिली। इस फिल्म के लिए उन्हें फिल्मफेयर से बेस्ट एक्टर का पुरस्कार जीता था। 28 साल की उम्र में उन्होंने एक साठ साल के बूढ़े का किरदार निभाया था जो आज भी याद किया जाता है। अनुपम खेर ने कभी लीड हीरो के तौर पर काम नहीं किया, लेकिन साइड रोल करके भी उन्होंने ने अपने अभिनय की छाप छोड़ी। 


 
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'सारांश' में अनुपम खेर
सात मार्च 1955 को शिमला में जन्मे अनुपम खेर अपनी अभिनय से सबको अपना दिवाना बना लेते हैं।  हिमाचल के छोटे से शहर से बॉलीवुड तक का उनका सफर संघर्षों से भरा रहा है। अनुपम खेर के पिता वन विभाग में क्लर्क के पद पर थे। अनुपम ने शिमला के फागली स्कूल से मिडल तक की शिक्षा के बाद लक्कड़ बाजार स्कूल से दसवीं तक शिक्षा हासिल की। इसके बाद संजौली महाविद्यालय में आगे की शिक्षा ग्रहण की। 
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चंडीगढ़ में मेरा वो मतलब नहीं था का मंचन करते हुए अनुपम खेर - फोटो : अमर उजाला
दिल्ली के नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा यानी (एनएसडी) से ग्रेजुएशन करने के बाद अनुपम ने थियेटर से करियर की शुरुआत की। साल 1982 में आई फिल्म 'आगमन' से उनके फिल्मी करियर की शुरुआत हुई। लेकिन साल 1984 में आई फिल्म 'सारांश' में उनके काम को सराहना मिली। उस वक्त अनुपम खेर खुद महज 30 साल के थे। 60 साल का व्यक्ति किस तरह से सोचता है, कैसे उठता-बैठता है और उसके बोलने का तरीका क्या है, अनुपम ने इसे बखूबी निभाया। इस फिल्म के बाद अनुपम अलग-अलग तरह के रोल में दिखते रहे। अनुपम खेर इंडस्ट्री के ऐसे अभिनेता हैं जो अपने किरदार को खुद में अंदर तक उतार लेते हैं।

 

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अनुपम खेर - फोटो : amar ujala
'कर्मा', 'तेजाब', 'राम लखन', 'दिल', 'सौदागर', '1942 ए लव स्टोरी', 'रूप की रानी चोरों का राजा' और 'हम आपके हैं कौन' जैसी कई फिल्मों में अनुपम खेर की भूमिका काफी सराहनीय रही। 'कुछ कुछ होता है', 'मोहब्बतें', 'वीर जारा', 'रंग दे बसंती', 'खोसला का घोसला','ए वेडनस डे', और 'स्पेशल 26' जैसी फिल्में अगर सफल हुईं तो उसमें अनुपम खेर की बड़ी भूमिका रही। 
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अनुपम खेर
सिर्फ भारत ही नहीं अनुपम खेर ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी अपनी पहचान बनाई है। सेंसर बोर्ड के अध्यक्ष रह चुके पद्मश्री अनुपम खेर को आठ बार अलग-अलग श्रेणियों में फिल्मफेयर पुरस्कार मिल चुका है।  वहीं उन्हें दो बार राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार से भी नवाजा जा चुका है।
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