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80 साल-80 किस्से: जब हो गया था कांग्रेस का पत्ता साफ, तब अमिताभ ने यूं दिया था गांधी परिवार का साथ

Tue, 11 Oct 2022 12:28 PM IST
वर्तिका तोलानी एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला
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amitabh bachchan - फोटो : अमर उजाला
क्या आपको पता है बॉलीवुड के महानायक अमिताभ बच्चन ने राजनीति में कदम रखा था? अभिनेता ने अभिनय की दुनिया से ब्रेक लेकर चुनाव लड़ा था। इतना ही नहीं शहंशाह ने भारी मतों से राजनीतिक दांव-पेंच के ज्ञाता हेमवती नंदन बहुगुणा को हरा भी दिया था। लेकिन सवाल यह उठता है कि आखिर ऐसा क्या हुआ था जिसकी वजह से बिग बी को फिल्मों की दुनिया से निकलकर सियासी दंगल में अपना हाथ आजमाना पड़ा था। पढ़िए पूरा किस्सा...
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amitabh bachchan, teji bachchan - फोटो : social media
यह बात साल 1984 की है। अमिताभ बच्चन ने अपने दोस्त राजीव गांधी के लिए फिल्मों से ब्रेक ले लिया था और रातनीति में कदम रखने का फैसला किया था। दरसअल, सात साल पहले उत्तर भारत से कांग्रेस का सफाया हो गया था, जिसके बाद राजीव गांधी ने अपनी पार्टी की साख बचाने के लिए बिग बी काे कांग्रेस की टिकट पर इलाहाबाद से चुनाव लड़ने के लिए तैयार किया। हालांकि, अमिताभ के लिए यह आसान नहीं था। उत्तर प्रदेश के इलाहाबाद में अमिताभ बच्चन का मुकाबला हेमवती नंदन बहुगुणा से होने वाला था।

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amitabh bachchan - फोटो : file photo
इलाहाबाद हेमवती नंदन बहुगुणा का राजनीतिक गढ़ माना जाता था। यूं तो बहुगुणा अविभाजित उत्तर प्रदेश (तब उत्तराखंड राज्य का गठन नहीं हुआ था) के गढ़वाल इलाके के रहने वाले थे लेकिन उनकी शिक्षा-दीक्षा इलाहाबाद में ही हुई थी। बहुगुणा की पत्नी कमला बहुगुणा भी इलाहाबाद की थीं। हालांकि बहुगुणा लखनऊ और पौड़ी गढ़वाल लोकसभा सीट से भी सांसद रह चुके थे। लेकिन 1984 में वह इलाहाबाद से लोकदल के उम्मीदवार थे। पूरा विपक्ष उनके पीछे एकजुट था। जिसकी वजह से यह चुनाव एक तरफा नजर आ रहा था।

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amitabh bachchan - फोटो : social media
लेकिन जब कांग्रेस ने अमिताभ बच्चन को चुनावी दंगल में उतारा तो यह मामला दिलचस्प हो गया। अमिताभ तब तक सुपर स्टार बन चुके थे। उनकी कई फिल्में हिट हो चुकी थीं और एंग्री यंग मैन का नौजवानों में बेहद क्रेज था। लेकिन बहुगुणा भी राजनीति के मंझे हुए खिलाड़ी थे। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री और केंद्रीय मंत्री रहते हुए उन्होंने न जाने कितने लोगों की मदद की थी और कई तरह से उपकृत भी किया था। उन्हें चुनाव जीतने और प्रतिद्वंदी को हराने के सारे दांव-पेंच मालूम थे । 

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amitabh bachchan - फोटो : file photo
ऐसे में अमिताभ बच्चन ने अपनी इलाहाबादी छवि भुनाने के लिए सारे फिल्मी हथकंडे अपनाने शुरू कर दिए। अमिताभ और उनकी अभिनेत्री पत्नी जया बच्चन धीरे-धीरे पूरे इलाहाबाद में छा गए और बहुगुणा को लगने लगा कि उनकी सियासी जमीन खिसक रही है।

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amitabh bachchan - फोटो : social media
एक बार अमिताभ और बहुगुणा का काफिला आमने सामने आ गया। दोनों के समर्थकों में पहले निकलने के लिए नारेबाजी शुरू हो गई। तनाव खासा बढ़ गया तभी अचानक खुली जीप में सवार अमिताभ नीचे उतरे और उन्होंने जाकर बहुगुणा को प्रणाम किया और आशीर्वाद मांगा। बहुगुणा ने आशीर्वाद दिया और अमिताभ ने उन्हें पहले निकलने को कहा। बहुगुणा का काफिला निकल गया और प्रशासन ने चैन की ने सांस ली।

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amitabh bachchan - फोटो : social media
कांग्रेस अध्यक्ष और तत्कालीन प्रधानमंत्री राजीव गांधी ने अपने दोस्त और बच्चन परिवार के वारिस अमिताभ बच्चन की जीत सुनिश्चित करने के लिए पूरा जोर लगा दिया। कांटे का मुकाबला धीरे-धीरे अमिताभ की तरफ झुकता गया और मतदान के बाद जब नतीजे आए तो इलाहाबाद में सियासत के दिग्गज हेमवती नंदन बहुगुणा राजनीति में नौसिखिए फिल्मी सितारे अमिताभ बच्चन से 187795 वोटों से चुनाव हार गए। अमिताभ ने यह जीत भारी मतों की बढ़त से हासिल की थी।
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