अविनाश दास-शेषनाथ पांडे
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‘रसप्रिया एगो प्रेम कहानी’ की सोशल मीडिया पर तारीफ करते हुए निर्देशक अविनाश दास लिखते हैं, ‘ये एक ऐसी प्रेमकथा है जिसको पढ़ कर आंखों की कोर भीग जाती है। हम जिस थिएटर ग्रुप “मंच” में थे, बाद में उसी ग्रुप से अमरेंद्र जुड़े। वह बहुत अच्छे अभिनेता हैं। उन्होंने यह लघु संगीतमय फिल्म बनाई है।’ चर्चित लेखक शेषनाथ पांडे लिखते हैं, ‘अमरेंद्र ‘रसप्रिया’ को म्यूजिकल वीडियो के रूप में अरसे से बनाना चाहते थे। एक दिन अमरेंद्र भाई ने यह कह कर चौंका दिया कि मैंने रसप्रिया शूट कर ली है। हमने चाय पीते हुए इसे देखा और मैं भर गया, क्या सुन्दर गीत लिखा है अमरेंद्र ने, "बीतल समइया के कवन निहोरा...", रेणु के यहां यथार्थ के साथ लालित्य और करुणा का ऐसा समन्वय मिलता है जो अलहदा ढंग से पहचाना जा सकता है।’