गौरी खुराना
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जानकारी के मुताबिक, गौरी खुराना दिल्ली की रहने वाली थी और उनके पिता आर्मी में मेजर थे। कुणाल सिंह कहते हैं, 'भोजपुरी उनकी भाषा नहीं थी लेकिन वह बहुत मेहनत करती थीं। स्वभाव से वह अपने काम को लेकर बहुत जिद्दी थी। काम के प्रति उनका समर्पण भाव देखकर मुझे बहुत अच्छा लगता था। उनका व्यवहार बहुत मित्रवत था। हम लोगों ने कई फिल्में साथ की और दर्शकों ने भी हमारी जोड़ी को बहुत पसंद किया। 'धरती मइया', 'गंगा किनारे मोरा गांव', 'दूल्हा गंगा पार के', 'छोटकी दुलहिन' जैसी कई हिट फिल्में साथ में हमने की।