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अब भी गिरफ्त से दूर हैं दुनिया के ये 'मोस्ट वान्टेड आतंकी', एक के सिर पर है 177 करोड़ का ईनाम

Fri, 08 Nov 2019 09:09 AM IST
रत्नप्रिया रत्नप्रिया एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला
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मोस्ट वान्टेड आतंकी - फोटो : अमर उजाला
इस्लामिक स्टेट (ISIS) का सरगना अबु बकर अल-बगदादी अब तक दुनिया का सबसे खूंखार आतंकी था। साथ ही दुनियाभर की सुरक्षा एजेंसियों की 'मोस्ट वान्टेड' की सूची में वह पहले नंबर पर था। लेकिन अमेरिका द्वारा बगदादी के खात्मे के बाद दुनियाभर में एक बड़ा सवाल उठ रहा है। सवाल है कि बगदादी के बाद दुनिया का 'मोस्ट वान्टेड' आतंकी कौन होगा?

सोवियत संघ और अमेरिका के फेडरल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन (FBI) समेत दुनिया की बड़ी सुरक्षा एजेंसियां समय-समय पर 'मोस्ट वान्टेड' अपराधियों/आतंकियों की सूची जारी करती हैं। भारत में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने अंतिम बार 2018 में यह सूची जारी की थी। इन्हीं के आधार पर दुनिया के मोस्ट वान्टेड की सूची तैयार होती है। इस सूची के कुछ शीर्ष आतंकियों के बारे में आगे की स्लाइड्स में पढ़ें।
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आयमान अल-जवाहिरी (फाइल फोटो) - फोटो : Wiki

आयमान अल-जवाहिरी

  • अमेरिका के रिवॉर्ड्स फॉर जस्टिस (RFJ) प्रोग्राम के तहत आतंकी आयमान अल-जवाहिरी मोस्ट वान्टेड की सूची में सबसे ऊपर है। आरएफजे ने जवाहिरी के सिर पर 25 मिलियन डॉलर, यानी करीब 177.35 करोड़ रुपये का ईनाम रखा है। आरएफजे के अनुसार, जवाहिरी अभी अलकायदा आतंकी संगठन का प्रमुख है।
  • 7 अगस्त 1998 को केन्या और तंजानिया में अमेरिकी दूतावास बस विस्फोट में उसकी बड़ी भूमिका थी। इस हमले में 224 आम नागरिक मारे गए थे और 5 हजार से ज्यादा घायल हुए थे।
  • इसके अलावा 12 अक्तूबर 2000 को यमन में अमेरिकी नाविकों पर हमला और 11 सितंबर 2001 को वर्ल्ड ट्रेड सेंटर पर हुए हमले में भी जवाहिरी की भूमिका रही।
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हाफिज सईद - फोटो : ANI

हाफिज सईद

  • हाफिज सईद खासकर भारत में कई आतंकी हमलों को अंजाम देने वाला मास्टरमाइंड है। आरएफजे ने हाफिज सईद पर 10 मिलियन डॉलर, यानी करीब 71 करोड़ रुपये का ईनाम रखा है। इसके बावजूद हाफिज सईद खुलेआम घूम रहा है और जनसभाओं को संबोधित कर रहा है।
  • आरएफजे के अनुसार, हाफिज मोहम्मद सईद पहले अरेबिक और इंजीनियरिंग का प्रोफेसर था। वह इस्लामिक संगठन जमात-उद-दवा और इसकी शाखा लश्कर-ए-तैयबा का संस्थापक सदस्य भी है।
  • 2008 में मुंबई अटैक सहित कई हमलों का संदिग्ध मास्टरमाइंड है।

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सिराजुद्दीन हक्कानी (फाइल फोटो) - फोटो : fbi

सिराजुद्दीन हक्कानी

आतंकी समूह हक्कानी नेटवर्क का प्रमुख। ये आतंकी समूह अफगानिस्तान को फिर से तालिबानी शासन के अधीन लाना चाहता है। आरएफजे की वेबसाइट पर दी गई जानकारी के अनुसार, हक्कानी ने खुद ये माना है कि उसने 2008 में अफगानिस्तान के तत्कालीन राष्ट्रपति हामिद करजई पर हमले की योजना बनाई थी। सिराजुद्दीन हक्कानी के सिर पर भी करीब 71 करोड़ रुपये का ईनाम रखा गया है।
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अब्दुल्लाह अहमद अब्दुल्लाह (फाइल फोटो) - फोटो : fbi

अब्दुल्लाह अहमद अब्दुल्लाह

यह अलकायदा का बड़ा नेता और इसके नेतृत्व परिषद मजलिस अल-शूरा का सदस्य है। 2003 में उसे ईरान में गिरफ्तार कर लिया गया था। लेकिन 2015 में ईरानी राजनयिक के बदले अन्य आतंकियों के साथ अब्दुल्लाह अहमद अब्दुल्लाह को भी छोड़ दिया गया। अमेरिकी एजेंसी के अनुसार, अब्दुल्लाह अलकायदा का अनुभवी वित्तीय अधिकारी और ऑपरेशनल प्लानर है। उसके सिर पर भी 71 करोड़ रुपये का ईनाम है।
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सैफ अल-अद्ल (फाइल फोटो) - फोटो : Social Media

सैफ अल-अद्ल

  • सैफ अल-अद्ल अलकायदा की मिलिट्री कमेटी का प्रमुख है। वह 2015 में अब्दुल्लाह अहमद अब्दुल्लाह के साथ-साथ ईरान द्वारा छोड़े गए अन्य आतंकियों में से एक है। इसके सिर पर करीब 71 करोड़ रुपये (10 मिलियन डॉलर) का ईनाम है।
  • आरएफजे के अनुसार, 1990 की शुरुआत तक अल-अद्ल अलकायदा और इसके अन्य समूहों के लिए अफगानिस्तान, पाकिस्तान, सूडान समेत अन्य देशों में लोगों को ट्रेनिंग देता था।
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मुपल्ला लक्ष्मण राव (फाइल फोटो) - फोटो : Social Media

भारत में 'मोस्ट वान्टेड'

भारत के लिए एनआईए मोस्ट वान्टेड की सूची जारी करती है। कुल 258 लोगों की सूची में 15 अपराधी पाकिस्तान के हैं। जैसे - जकि-उर-रहमान लखवी, अब्दुर रहमान हाशिम सैयद, साजिद माजिद व अन्य। इस सूची में भारत के कुछ माओवादियों का नाम भी सबसे ऊपर है -

मुपल्ला लक्ष्मण राव

एनआईए की सूची में सबसे बड़ा इनामी माओवादी मुपल्ला लक्ष्मण राव तेलंगाना से ताल्लुक रखता है। आमतौर पर उसे गणपति के नाम से भी जाना जाता है। बीते साल ही खराब स्वास्थ्य और उम्र का हवाला देते हुए उसने प्रतिबंधित संगठन सीपीआई (माओवादी) के आम सचिव का पद छोड़ा। कुछ समय पहले उसने कहा था कि 'बीते आठ सालों में भारत में क्रांतिकारी अभियान कमजोर हुआ है।'
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नम्बाला केशव राव - फोटो : Social Media

नम्बाला केशव राव

गणपति का उत्तराधिकारी और सीपीआई (माओवादी) का प्रमुख। उसे बसवराज के नाम से भी जानते हैं। उसे आईईडी (IEDs) का एक्सपर्ट माना जाता है। उसके सिर पर 10 लाख रुपये का ईनाम है।

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