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ऑड-ईवन: पहली बार कहां शुरू हुआ था ये फॉर्मूला, भारत में कब और कैसे पहुंचा

Thu, 07 Nov 2019 07:01 PM IST
Mohit Mudgal एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला
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odd even - फोटो : file photo
दिल्ली में प्रदूषण के बढ़ते स्तर को देखते हुए सरकार ने 04 से 15 नवंबर 2019 तक ऑड-ईवन स्कीम लागू कर दी है। दिल्ली में ये तीसरी बार है, जब यहां ऑड-ईवन स्कीम लागू  हुई है। इससे पहले 01-15 जनवरी 2017 और 15-30 अप्रैल 2017 के बीच भी ऑड-ईवन लागू किया गया था। ऑड-ईवन को लेकर हर बार कुछ लोग इसके पक्ष और कुछ लोग विपक्ष में दलीलें देते है, पर क्या आपके मन में कभी ये सवाल भी उठा है कि ऑड ईवन पहली बार कहांं शुरू हुआ?, भारत में ऑड-ईवन कब और कैसे आया? ऑड-ईवन भारत के अलावा और किन देशों में अबतक लागू हो चुका है? अगर आप इन सवालों के जवाब जानना चाहते हैं तो अगली स्लाइड देखें....
 
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भारत से पहले ऑड-ईवन स्कीम काफी जगह लागू हो चुकी है, और हर जगह इसके नतीजे भी अलग रहें है। तो आइए जानतें है, ऐसे छह देशों के बारे में जहां ऑड-ईवन लागू हुआ और क्या रहें उसके नतीजे! 

एथेंस, ग्रीस

ग्रीस ने सबसे पहले साल 1982 में राजधानी एथेन्स में ऑड-ईवन स्कीम लागू की। इसके तहत प्रदूषण के एक स्तर से ऊपर होते ही साइरन बजता, जिसके बाद लोग अपनी गाड़िया सडकों से हटा लेते हैं। ऐसा तब तक चलता, जब तक स्थिति सामान्य नहीं हो जाए। वहां ऑड-ईवन स्कीम स्थायी भी कर दी गई। 
 
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मेक्सिको सिटी:

ऑड-ईवन स्कीम साल 1989 में मेक्सिको सीटी में लागू हुई। स्थानीय भाषा में वहां इसे 'होय नो सर्कुला' कहते है। मेक्सिको में इसका काफी अच्छा असर देखनें को मिला, शुरुआती दौर में ही इससे कार्बन मोनोऑक्साइड के स्तर में 11 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई। बाद में लोगों ने असुविधा से बचने के लिए दो कारें खरीदना शुरू कर दिया। जिसका परिणाम यह हुआ कि प्रदूषण में 13 फीसदी की बढ़ोतरी हो गई।

बोगोटा, कोलंबिया

कोलंबिया की राजधानी में ऑड-ईवन स्कीम 1998 में पहली बार लागू की गई। यहां स्कीम का प्रदर्शन काफी खराब रहा क्योंकि यहां व्यस्ततम समय के लिए ही यह नियम लागू हुआ। जिसके बाद साल 2011 में इसे पूरी तरह से लागू किया गया, पर उसका परिणाम भी कुछ खास नहीं रहा। स्थानीय भाषा में इसे पिको-प्लाका नाम दिया गया। 

 

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बीजिंग, चीन
साल 2008 में ओलंपिक खेलों से पहले चीन सरकार ने बीजिंग में ऑड-ईवन स्कीम लागू की। यहां सरकार को काफी सफलता मिली, बीजिंग में प्रदूषण 40 फीसदी कम हो गया। प्रदूषण से निपटने के लिए उस दौरान रोड पॉलिसी में हुए भी बदलाव किए गए। बीजिंग में ऑड-ईवन स्कीम का उल्लंघन करने वालों पर 200 युयान का जुर्माना भी लगाया गया। चीन ने साल 2011 में यह फैसला भी लिया कि अब हर साल अधिकतम 20 हजार गाड़ियों का ही रजिस्ट्रेशन किया जाएगा।

पेरिस, फ्रांस 
फ्रांस की राजधानी पेरिस में यह स्कीम साल 2014 के मार्च में लागू की गई। इससे पहले यह स्कीम वहां साल 1997 में भी लागू की गई थी। यहां नियमों का उल्लंघन करने वालों पर 22 यूरो का जुर्माना लगाया गया। यह नियम लागू करने से एक हफ्ते पहले सरकार ने स्पीड लिमिट भी कम कर दी थी। यहां सम नंबर प्लेट वाले वाहनों पर सुबह 5:30 बजे से रात 12 बजे तक रोक लगा दी गई थी।

 
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रोम और मिलान, इटली
इटली ने देश के दो सबसे बड़े शहरों में प्रदूषण से निपटने के लिए दिसंबर 2015 में ऑड-ईवन स्कीम लागू की। मिलान में छह घंटो के लिए निजी वाहनों और दो पहिया वाहनों को लगातार तीन दिनों तक रोक लगाई गई। जबकि रोम में सोमवार को विषम नंबर प्लेट वाले वाहनों पर और मंगलवार को सम नंबर प्लेट वाले वाहनों पर नौ घंटो के लिए प्रतिबंध लगाया गया। 

भारत में ऑड-ईवन :
दिल्ली हाई कोर्ट ने 03 दिसंबर 2015 को राजधनी में बढ़ते प्रदूषण स्तर को देखते हुए कहा कि दिल्ली में प्रदूषण चिंताजनक स्थिति में पहुंच गया है। कोर्ट ने कहा कि दिल्ली में रहना 'गैस चैंबर' में रहने के बराबर है। जिस पर आम आदमी पार्टी हरकत में आई और अगले ही दिन दिल्ली में  01 से 15 जनवरी 2016 तक ऑड-ईवन स्कीम लागू करने की घोषणा कर दी।
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