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Anti Paper Leak Law: क्या है एंटी पेपर लीक कानून, किन परीक्षाओं पर होता है लागू? दोषी को मिलेगी यह सजा

Sat, 22 Jun 2024 11:38 AM IST
आकाश कुमार एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला

सार

Anti Paper Leak Law: कार्मिक लोक शिकायत और पेंशन मंत्रालय ने 21 जून की रात एंटी पेपर लीक कानून लागू किया है। इससे पहले सरकार के पास पेपर लीक और अन्य गड़बड़ियों से निपटने के लिए कोई ठोस कानून नहीं था। आइए इस कानून के बारे में विस्तार से जानें।
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Anti Paper Leak Law - फोटो : Amar ujala graphics
Prevention of Unfair Means: पेपर लीक जैसे अपराधों से निपटने के लिए सरकार ने शुक्रवार (21 जून) आधी रात को देश में एंटी पेपर लीक कानून (Centre notifies Public Examinations (Prevention of Unfair Means) Act, 2024 लागू किया। देश में चल रहे नीट यूजी विवाद के बाद इस कानून को लागू किया गया है। आइए समझते हैं यह कानून क्या है और किन परीक्षाओं पर लागू होता है।

भर्ती परीक्षाओं में नकल और अन्य गड़बड़ियां रोकने और उनसे निपटने के लिए अब तक केद्र सरकार और जांच एजेंसियों के पास कोई ठोस कानून नहीं था। इसी कारण अक्सर पेपर लीक की घटनाएं होती रहती हैं। हाल ही में नीट परीक्षा को लेकर विवाद चल रहा है और यूजीसी नेट परीक्षा को आयोजित होने के एक दिन बाद ही रद्द कर दिया गया। इसके बाद, कार्मिक लोक शिकायत और पेंशन मंत्रालय ने 21 जून की रात इस कानून की अधिसूचना जारी की।
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Anti Paper Leak Law - फोटो : Amar ujala graphics

10 साल की कैद से लेकर 1 करोड़ जुर्माना तक का प्रावधान

NEET और UGC-NET जैसी परीक्षाओं में गड़बड़ियों के बीच यह कानून लाने का फैसला सरकार का बड़ा कदम माना जा रहा है। इस कानून के लागू होने के बाद अब पेपर लीक करने का दोषी पाए जाने पर 10 साल तक की कैद से लेकर 1 करोड़ रुपये के जुर्माने का प्रावधान है।

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Anti Paper Leak Law - फोटो : Amar ujala graphics

पेपर लीक या अनुचित साधनों के इस्तेमाल पर...?

इस कानून के तहत, पेपर लीक करने या आंसर शीट के साथ छेड़छाड़ करने पर कम से कम 3 साल जेल की सजा होगी। इसे 10 लाख तक के जुर्माने के साथ 5 साल तक बढ़ाया जा सकता है। जुर्माना अदा न करने की स्थिति में भारतीय न्याय संहिता, 2023 के प्रावधानों के अनुसार कारावास की अतिरिक्त सजा दी जाएगी।

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NEET 2024 - फोटो : X/@MIB_India

सर्विस प्रोवाइडर के दोषी होने पर लगेगा 1 करोड़ का जुर्माना

परीक्षा संचालन के लिए नियुक्त सर्विस प्रोवाइडर अगर दोषी होता है तो उस पर 1 करोड़ रुपये तक जुर्माना होगा। सर्विस प्रोवाइडर अवैध गतिविधियों में शामिल है, तो उससे परीक्षा की लागत वसूली जाएगी। साथ ही, सेवा प्रदाता को 4 साल की अवधि के लिए किसी भी सार्वजनिक परीक्षा के संचालन की जिम्मेदारी से भी रोका जा सकता है।

यदि कोई संस्था संगठित अपराध करने में शामिल है, तो उसकी संपत्ति कुर्की और जब्ती के अधीन होगी और परीक्षा की आनुपातिक लागत भी उससे वसूली जाएगी।

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NEET 2024 - फोटो : Amar ujala graphics

अधिकारी दोषी पाए जाने पर प्रावधान

यदि अपराध किसी निदेशक, वरिष्ठ प्रबंधन या सेवा प्रदाता फर्म के प्रभारी व्यक्तियों की सहमति या मिलीभगत से किया गया है, तो उन्हें तीन से 10 वर्षों की जेल और एक करोड़ रुपये जुर्माना से दण्डित किया जा सकता है।

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Anti Paper Leak Law - फोटो : Amar ujala graphics

12 फरवरी को मिली थी कानून को मंजूरी

पब्लिक एग्जामिनेशन (प्रिवेंशन ऑफ अनफेयर मीन्स) एक्ट, इसी साल 6 फरवरी को लोकसभा और 9 फरवरी को राज्यसभा से पारित हुआ था। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू द्वारा 12 फरवरी को बिल को मंजूरी देकर इसे कानून में बदल दिया गया था।

इस कानून में संघ लोक सेवा आयोग (UPSC), कर्मचारी चयन आयोग (SSC), रेलवे भर्ती बोर्ड (RRB), बैंकिंग कार्मिक चयन संस्थान (IBPS) और नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) की परीक्षाएं शामिल होंगी। केंद्र के सभी मंत्रालयों, विभागों की भर्ती परीक्षाएं भी इस कानून के दायरे में होंगी। इसके तहत सभी अपराध संज्ञेय और गैर-जमानती होंगे।

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NEET Result - फोटो : Amar ujala graphics

नीट विवाद एक नजर में

दरअसल, मेडिकल प्रवेश परीक्षा नीट इन दिनों विवादों में हैं। नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) द्वारा यह परीक्षा 05 मई को आयोजित की गई थी। लगभग 24 लाख अभ्यर्थी परीक्षा में शामिल हुए थे। परीक्षा के आयोजन के दौरान से ही पेपर लीक होने के आरोप लगने लगे। विवाद ज्यादा तब बढ़ा, जब 4 जून को नीट यूजी रिजल्ट में रिकॉर्ड 67 उम्मीदवारों ने रैंक-1 हासिल की।

नीट के इतिहास में ऐसा पहली बार हुआ कि इतनी बड़ी संख्या में छात्रों ने पूरे सौ फीसदी नंबर हासिल किए हों। साल 2023 में सिर्फ दो छात्रों को सौ फीसदी नंबर आए थे। देशभर से पेपर लीक और परीक्षा में अनियमितताओं के आरोप लगने लगे। मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचा, जिसके बाद केंद्र ने ग्रेस मार्क्स वाले 1563 स्टूडेंट्स के स्कोर कार्ड रद्द कर दिए गए और 23 जून को दोबारा इनकी परीक्षा लेने की बात कही।

NEET में गड़बड़ी और री-एग्जाम की मांग को लेकर सुप्रीम कोर्ट में अब तक 5 याचिकाएं दाखिल की गई हैं। सुप्रीम कोर्ट इन सभी याचिकाओं पर 8 जुलाई को सुनवाई करेगा। हालांकि, कोर्ट ने एग्जाम को रद्द करने और 6 जुलाई से होने वाली काउंसिलिंग पर रोक लगाने की मांग खारिज कर दी है।

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