फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

सिविल सेवा टॉपर: 30 फीसदी बेटियों ने लहराया परचम, लड़कियों में जागृति अव्वल

Sat, 25 Sep 2021 07:46 AM IST
देव कश्यप अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
विज्ञापन
1 of 10
यूपीएसएसई 2020 - फोटो : self
बिहार के शुभम कुमार सिविल सेवा परीक्षा में अव्वल रहे हैं। समग्र रैंकिंग में दूसरे स्थान पर रहीं जागृति अवस्थी बेटियों में टॉपर हैं। पहले दोनों स्थान पर इंजीनियर काबिज हुए हैं। वहीं, आगरा की अंकिता जैन तीसरे स्थान पर रहीं। वे अभी ऑडिट एंड अकांट सर्विसेज में हैं। उनकी छोटी बहन वैशाली ने भी 21वां स्थान हासिल किया है। संघ लोक सेवा आयोग ने शुक्रवार को नतीजे घोषित किए, जिनमें 216 बेटियों समेत 761 सफल अभ्यर्थियों की नियुक्ति की संस्तुति की गई है।

आईआईटी बॉम्बे से बीटेक (सिविल इंजीनियरिंग) पास शुभम को 2019 में 290वीं रैंक मिली थी। जागृति एमएएनआईटी भोपाल से इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग में बीटेक हैं।
विज्ञापन

सिविल सेवा परीक्षा के टॉपर, 30 फीसदी बेटियों ने लहराया परचम

2 of 10
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : सोशल मीडिया
सिविल सेवा मुख्य परीक्षा-2020 में इस बार सफल उम्मीदवारों में 30.16 फीसदी बेटियां हैं। परीक्षा में कुल 761 उम्मीदवारों ने क्वालिफाई किया है। इनमें पुरुषों की संख्या 545 है, जबकि 216 बेटियों ने सफलता के झंडे गाड़े हैं । 10,40,060 उम्मीदवारों ने सिविल सेवा परीक्षा 2020 के लिए किया था आवेदन जिसमें 4,82,770 उम्मीदवार ही परीक्षा में शामिल हुए और 2,053 का इंटरव्यू के लिए चयन हुआ था।

25 दिव्यांग उम्मीदवारों ने भी मारी बाजी
7 शारीरिक रूप से अक्षम, 04 दृष्टिबाधित, 10 बधिर और 4 उम्मीदवार बहु-विकलांगता श्रेणी से हैं।

नामी संस्थानों के छात्र रहे हैं टॉप-25 में
टॉप-25 सफल उम्मीदवारों ने देश के नामी संस्थानों से पढ़ाई की है। इनमें आईआईटी, एनआईटी, बिट्स, एनएसयूटी, डीटीयू, जेआईपीएमईआर, सेंट जेवियर, यूनिवर्सिटी ऑफ मुंबई और दिल्ली विश्वविद्यालय शामिल है।

इन उम्मीदवारों ने यूपीएससी में जिन विषयों से सफलता के झंडे गाड़े हैं, उनमें एंथ्रोपोलॉजी, सिविल इंजीनियरिंग, कॉमर्स एंड अकाउंटेंसी, अर्थशास्त्र, भूगोल, गणित, मैकेनिकल इंजीनियरिंग, मेडिकल साइंस, फिलॉसफी, भौतिक विज्ञान, राजनीति शास्त्र, इंटरनेशनल रिलेशंस, पब्लिक एडमिनिस्ट्रेशन और समाजशास्त्र शामिल हैं।
विज्ञापन

शुभम कटिहार, बिहार: 290 के बाद अब पहली रैंक

3 of 10
यूपीएससी टॉपर शुभम कुमार - फोटो : सोशल मीडिया
शुभम (24) ने 2019 की यूपीएसी परीक्षा में 290वीं रैंक हासिल की थी। वह बताते हैं कि इस बार भी उम्मीद नहीं थी िक टॉप करेंगे। आईआईटी बॉम्बे से सिविल इंजीनियरिंग में बी-टेक शुभम अभी नेशनल एकेडमी ऑफ डिफेंस फाइनेंशियल मैनेजमेंट पुणे में प्रशिक्षण ले रहे हैं। अपनी कामयाबी का श्रेय पिता को देते हैं, जो बैंक मैनेजर हैं। गांवों को बेहतर बनाने के साथ रोजगार सृजन और बेरोजगारी हटाने के लिए काम करना चाहते हैं शुभम।

जागृति अवस्थी, मध्यप्रदेश : सही समय पर सही फैसला जरूरी

4 of 10
जागृति अवस्थी - फोटो : ANI
भोपाल के मौलाना आजाद नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी से 2017 में इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग में बी-टेक किया है। जागृति ने भेल में दो साल नौकरी की। वह बताती हैं कि सही समय पर सही फैसला और कड़ी मेहनत आपकी कामयाबी के रास्ते को आसान बना देती है। पिता प्रो. एसएस अवस्थी ने बताया, जागृति भेल में नौकरी करती थी। उसने मुझसे कहा कि मैं यूपीएससी की परीक्षा देना चाहती हूं। मैंने कहा देख लो और उसने सुबह कंपनी में इस्तीफा भेज दिया। बेटी के इसी विश्वास को देख मुझे भरोसा था कि एक दिन उसका सपना साकार होगा और वह मेरा सर गर्व से ऊंचा कर देगी। महिला और बाल विकास के क्षेत्र में काम करना चाहती हैं। ग्रामीण महिलाओं को तराशना ही पहला लक्ष्य है।
विज्ञापन

अंकिता जैन, आगरा, उत्तर प्रदेश : मेहनत और ट्रिक के साथ पढ़ाई

5 of 10
अंकिता जैन - फोटो : अमर उजाला
चौथे प्रयास में सफल हुईं अंकिता का कहना है कि मेहनत और ट्रिक के साथ पढ़ाई की बदौलत ही कामयाबी हासिल हुई है। अंकिता का पिछले साल ऑडिट एंड एकाउंट सर्विसेज में चयन हुआ था। दिल्ली के टेक्निकल यूनिवर्सिटी से कंप्यूटर साइंस से बी-टेक किया है। अंकिता के पति अभिनव त्यागी महाराष्ट्र कैडर के आईपीएस अधिकारी हैं। दो महीने पहले ही दोनों की शादी हुई थी। छोटी बहन वैशाली ने भी इसी परीक्षा में 21वीं रैंक हासिल की है। अंकिता महिला सशक्तीकरण और बाल विकास के क्षेत्र में काम करना चाहती हैं। इनका ध्येय महिलाओं का स्वास्थ्य, शिक्षा और गरीब बच्चाें को शिक्षा है।
विज्ञापन

ममता यादव बसई, महेंद्रगढ़, हरियाणा : पहली बार में कामयाबी

6 of 10
ममता यादव - फोटो : Amar Ujala
बसई गांव के स्वर्गीय मास्टर चेतरान यादव की पोती ममता दिल्ली यूनिवर्सिटी के हिंदू कॉलेज की भी टॉपर हैं। इसके बाद उन्होंने सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी का फैसला किया। ममता ने इस कामयाबी के बाद कहा है कि लक्ष्य साधकर तैयारी की जाए तो कामयाबी तय है।
विज्ञापन

मीरा त्रिशुर, केरल : पूरा हुआ मां का सपना

7 of 10
के मीरा। - फोटो : Amar Ujala
चौथे प्रयास में कामयाबी हासिल करने वाली मीरा ने बताया कि आईएएस बनना मेरा और मेरी मां का सपना था। मां के आशीर्वाद और कठिन परिश्रम की बदौलत मैंने यह मुकाम हासिल किया है। मेरा ध्येय महामारी के कारण कठिन दौर से गुजर रहे देश के लिए काम करना है।

डॉ. अपाला गाजियाबाद : तीसरी बार में मिली सफलता

8 of 10
अपाला मिश्रा - फोटो : amar ujala
डेंटल सर्जन डॉ. अपाला मिश्रा वर्ष 2018 व 19 के प्रयास में असफल रही थीं। लेकिन, सैन्य परिवार से जुड़ी हैं, लिहाजा लक्ष्य हासिल करके ही दम लिया। वह बताती हैं, सोशल मीडिया का प्रयोग उतना ही किया जितना जरूरी था। साक्षात्कार से एक माह पूर्व तो सभी अकाउंट डिलीट कर दिए थे।

अनिल बसाक : फेरी लगाते हैं पिता

9 of 10
अनिल बसाक। - फोटो : Amar Ujala
बिहार के किशनगंज निवासी अनिल बसाक (45वीं रैंक) के पिता विनोद बसाक कपड़े की फेरी लगाकर घर का खर्च चला रहे हैं। विनोद ने कहा, अनिल ने अपने कौशल से मेरी मेहनत को अंजाम तक पहुंचा दिया है। मैं यही दुआ करूंगा कि वह जीवन में हमेशा नई उपलब्धि हासिल करे।
विज्ञापन

यश जालुका, झरिया,  झारखंड : पूरा किया सपना

10 of 10
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : iStock
कारोबारी परिवार के यश का झरिया के पोद्दारपाड़ा में घर है। पिता मनोज लोहा व्यवसायी हैं, पर उन्होंने यश को पढ़ाई के लिए हमेशा उत्साहित किया। बड़े भाई राशन की दुकान चलाते हैं। यश ने 12वीं की पढ़ाई बोकारो में की, फिर आईएएस का सपना लेकर दिल्ली चले गए और उसे पूरा भी किया।  
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें