UP Board 2019: यहां हम हिंदी विषय के पूरे पाठ्यक्रम को बताएंगे। आपको बता दें कि इसमें 70 अंकों की लिखित परीक्षा तथा 30 अंकों का विद्यालय स्तर पर प्रोजेक्ट वर्क होगा। कुल मिलाकर 100 अंक माने जाएंगे। अगली स्लाइड में जानते हैं पूरा कार्यक्रम...
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1-(क) हिन्दी गद्य के विकास का संक्षिप्त परिचय - 5 अंक
(शुक्ल तथा शुक्लोत्तर युग)
(ख) हिन्दी पद्य का विकास का संक्षिप्त परिचय - 5 अंक
(रीतिकाल तथा आधुनिक काल)
2-गद्य हेतु निर्धारित पाठ्य वस्तु से - 2+2़+2=6
- सन्दर्भ
- रेखांकित अंश की व्याख्या-
- तथ्यपरक प्रश्न
3-काव्य हेतु निर्धा रित पाठ्य वस्तु से - 1़+4़+1=6
- सन्दर्भ
- व्याख्या
- काव्य सौन्दर्य
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4-संस्कृत गद्यांश अथवा पद्यांश का सन्दर्भ सहित हिन्दी में अनुवाद 1़+3=4
5-निर्धारित पाठों लेखकों एवं कवियों के जीवन परिचय एवं रचनायें 3़+3=6
6-(1) संस्कृत के निर्धारित पाठों से कण्ठस्थ एक श्लोक - 2
(जो प्रश्नपत्र में न आया हो) (2) संस्कृत के निर्धारित पाठा पर आधारित दो अति लघूत्तरीय प्रश्नों का संस्कृत में उत्तर - 2
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7-काव्य सौन्दर्य के तत्व - 2़+2़+2=6
क-रस-(हास्य एवं करूण रस की परिभाषा, उदाहरण, पहचान) ख-अलंकार-(अर्था लंकार) उपमा, रूपक, उत्प्रेक्षा ग-छन्द-सोरठा, रोला (लक्षण, उदाहरण, पहचान)
क-सन्धि-यण, वृद्धि (परिभाषा, उदाहरण, पहचान) ख-शब्द रूप (सभी विभक्तियों एवं वचनों में)
संज्ञा-फल, मति, मधु, नदी। सर्वनाम-तदु, युष्मद्। ग-धातु रूप (लट्, लोट, लृट, विधिलिंग, लङ् लकारों में)
पठ, हस्, दृश, पच्। घ-हिन्दी के सरल वाक्यों का संस्कृत में अनुवाद।
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10-निबन्ध रचना-वैज्ञानिक, सामाजिक, धार्मिक, सांस्कृतिक, आर्थिक समस्याओं पर आधारित एवं जनसंख्या , स्वास्थ्य शिक्षा,
पर्या वरण एवं ट्राफिक रूल्स पर आधारित विषय। - 6
11-खण्ड काव्य-संक्षिप्त कथावस्तु, घटनायें, चरित्र-चित्रण 3
आन्तरिक मूल्यांकन-(प्रत्येक दाे माह के अन्तिम सप्ताह में आन्तरिक मूल्यांकन ) अंक याेग-30 अंक
प्रथम-अगस्त माह में 10 अंक-वाचन (भाषण, वाद-विवाद, विचारों की अभिव्यक्ति आदि)
द्वितीय-अक्टूबर माह में 10 अंक-व्याकरण सम्बन्धी
तृतीय-दिसम्बर माह में 10 अंक-सृजनात्मक निबन्ध, नाटक, कहानी, कविता, अपठित आदि।
(ब) निर्धा रित पाठ्य वस्तु--
गद्य हेतु
मित्रता राम चन्द्र शुक्ल
ममता जयशंकर प्रसाद
क्या लिखूं पदुमलाल पुन्नालाल बख्शी
भारतीय संस्कृति राजेन्द्र प्रसाद
ईष्र्या तू न गयी मेरे मन से रामधारी सिंह दिनकर
अजन्ता भगवत शरण उपाध्याय
पानी में चन्दा और चाँद पर आदमी जय प्रकाश भारती
काव्य हेतु -
सूरदास पद
तुलसीदास धनुष भंग, वन पथ पर
रसखान सवैये, कवित्त
बिहारी लाल भक्ति नीति
सुमित्रानन्दन पंत चींटी, चन्द्रलोक में प्रथम बार
महादेवी वर्मा हिमालय से, वर्षा सुन्दरी के प्रति
रामनरेश त्रिपाठी स्वदेश प्रेम
माखन लाल चतुर्वेदी पुष्प की अभिलाषा, जवानी
सुभद्रा कुमारी चौहान झांसी की रानी की समाधि पर
मैथिलीषरण गुप्त भारतमाता का मंदिर यह
केदार नाथ सिंह नदी
अशोक बाजपेयी युवा जंगल, भाषा एकमात्र अनन्त है
ष्याम नारायण पाण्डेय हल्दीघाटी