20 साल की डायना बेग पाकिस्तान की राष्ट्रीय टीम में फुटबॉल और क्रिकेट दोनों खेलती है। पाकिस्तान की ये लड़की दो-दो खेलों को बखूबी संभाल रही है।
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पाकिस्तान की खेल परी; एक नहीं दो-दो खेलों में चैंपियन
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ये महिला खिलाड़ी हुंजा घाटी के गली मुहल्लों में क्रिकेट और फुटबॉल खेलती हुए बड़ी हुई है। कम सुविधाएं मिलने के बाद भी वो जिस जज्बे से अपना काम कर रही हैं वो वाकई में काबिले तारीफ है।
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पाकिस्तान की खेल परी; एक नहीं दो-दो खेलों में चैंपियन
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उन्होंने सिर्फ 14 साल की उम्र में गिलनित बालिस्टान की कप्तानी की। 19 साल की उम्र में उन्होंने अपना पहला अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट मैच खेला।
पाकिस्तान की खेल परी; एक नहीं दो-दो खेलों में चैंपियन
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14 साल की उम्र में वो फुटबॉल की राज्यीय टीम में चुनी गईं। उन्हें पता चला था कि उनके राज्य को फुटबॉल का खिलाड़ी नहीं मिल रहा है। वो वहां ट्रायल देने गईं और चुन ली गईं।
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पाकिस्तान की खेल परी; एक नहीं दो-दो खेलों में चैंपियन
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वो कहती है कि एक लड़की होने का तर्क देना कोई मायने नहीं रखता। बस आपको अपनी मेहनत में कोई कमी नहीं रखनी चाहिए।
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पाकिस्तान की खेल परी; एक नहीं दो-दो खेलों में चैंपियन
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उन्हें क्रिकेट में जगह बनाने के लिए काफी मेहनत करनी पड़ी। पाकिस्तान में महिला खिलाड़ियों को पुरुषों की तरह अच्छी सुविधाएं नहीं मिल पातीं।
पाकिस्तान की खेल परी; एक नहीं दो-दो खेलों में चैंपियन
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वर्ल्ड टी ट्वेंटी में उनका शामिल होना उनके कठिन मेहनत की ओर ही इशारा करता है। वो बताती हैं कि ये सब संभव हुआ लाहौर कॉलेज, उसके मैदान और कठिन परिश्रम की वजह से। उनका कहना है कि खेलों में रोज अभ्यास बहुत जरुरी होता है।