कुछ लोग अपने विश्वास को और सशक्त बनाने के लिए कॉर्पोरेट नौकरियों को हमेशा के लिए अलविदा कह देते हैं और अपने सपने को पूरे करने के लिए आगे बढ़ जाते हैं। इसी की मिसाल हैं नितिन कामत। जीवन में चमत्कार नहीं, मेहनत काम आती है। आगे बढ़ने के लिए खुद में विश्वास जरूरी है ऐसा मानना है नितिन का।
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नितिन कहते हैं कि “ड्राइविंग के वक़्त हमें अपने दिल के बजाय दिमाग से निर्णय लेने की आवश्यकता होती है। यदि आप नियंत्रण खो देंगे तो आप रोड एक्सीडेंट के शिकार हो सकते हैं।"
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जिस उम्र में लोगों को करियर की सुध नहीं होती उस उम्र में नितिन स्टॉक ट्रेडिंग मार्केट में अपनी पकड़ मजबूत करना शुरू कर चुके थे। आज नितिन ने अपनी मेहनत और काबलियत के दम पर देश के सफल कारोबारी की लिस्ट में अपना नाम दर्ज कराया है।
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स्टॉक मार्केट में ट्रेडिंग काम सीखने और कुछ पैसा जमा करने के बाद नितिन कामत ने साल 2010 में ब्रोकरेज हाउस जेरोधा की शुरुआत की। नितिन ज़ेरोधा के फाउंडर और सीईओ हैं। उनकी कंपनी में आज की तारीख में 900 के आसपास लोग काम करते हैं। स्टॉक मार्केट में ट्रेडिंग से करियर की शुरुआत करना और खुद की कंपनी स्टार्ट करके सफलता की बुलंदियों पर पहुंचना बड़ी बात है।
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नितिन की जिंदगी में एक वक्त ऐसा भी था जब वो पैसे कमाने के लिए कॉल सेंटर में नौकरी करते थे। उस वक्त वे इंजीनियरिंग की पढ़ाई के साथ-साथ ट्रेडिंग भी कर रहे थे उन्होंने अपने कैरियर की शुरुआत इंजीनियरिंग कॉलेज में दाखिला ले कर की, लेकिन उसके बाद वे खुद को एक सफल इंटरप्रेनियोरशिप के रूप में देखना चाहते थे।
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शुरूआती दिनों में बेशक उन्हें काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा लेकिन उन्हें अपने काम करने की कला पर पूरा भरोसा था। उन्होंने कभी हिम्मत नहीं हारी। अपनी ईमानदारी और कड़ी मेहनत से नितिन अपनी कंपनी ज़ेरोधा को एक सफल मुकाम तक पहुचाने में कामयाब होते चले गये।
वर्ष 2010 में भारत को ज़ेरोधा के रूप में पहला ऐसा ट्रेडिंग फर्म मिला जो मौजूदा ब्रोक्रेज़ की कीमत को कम करने तथा प्रति खरीद-बिक्री पर फ्लैट दर से फ़ीस की सुविधा मुहैया कराता हो।