जम्मू-कश्मीर और लद्दाख
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- इसके बाद केंद्र सरकार ने संसद के जरिये जम्मू-कश्मीर पुनर्गठन विधेयक 2019 पहले राज्यसभा और फिर लोकसभा में पारित कराया था।
- इस अधिनियम के तहत उसे दो केंद्र शासित प्रदेशों जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में विभाजित कर दिया था।
- इनमें जम्मू-कश्मीर को विधानसभा युक्त केंद्र शासित प्रदेश बनाया गया था। जबकि लद्दाख बगैर विधानसभा वाला केंद्र शासित प्रदेश बना।
- इससे यहां की राजनीतिक और भौगोलिक तस्वीर ही बदल गई।
कैसे लागू हुआ था अनुच्छेद-370?
आजादी के बाद कश्मीर का भारत में विलय हो चुका था। 1949 में तत्कालीन जम्मू-कश्मीर सरकार ने इसका ड्राफ्ट पेश किया था। विचार-विमर्श और संशोधनों के बाद 27 मई, 1949 को संविधान सभा में अनुच्छेद-306 ए (बाद में 370 कहलाया) पारित हुआ। 17 अक्तूबर, 1949 को अनुच्छेद 370 भारतीय संविधान का हिस्सा बन गया। हालांकि, इसमें टेम्परेरी शब्द जोड़ा गया था, जो इसके अंतरिम या अस्थायी होने का प्रमाण था। वहीं, नवंबर 1956 में जम्मू-कश्मीर में अलग संविधान का काम पूरा हुआ था। इसके बाद, 26 जनवरी, 1957 को राज्य में विशेष संविधान लागू कर दिया गया।