फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स

बैंक में नौकरी चाहिए तो खुद को करें तैयार, टॉप 10 परीक्षाओं के नाम हैं यहांं

एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला Published by: Garima Garg Updated Sat, 22 Jun 2019 06:45 PM IST
विज्ञापन
विज्ञापन
बैंकिंग क्षेत्र लगातार आगे बढ़ रहा है। हर संगठन को अलग सोच, काम करने के नए तरीकों और एक ऐसी अनुकूल योग्य मानसिकता की तलाश होती है, जो अपने ज्ञान को उन्नत करने और बदलते दौर के अनुसार उपयुक्त कार्यशैली को अपनाने के लिए तैयार हो। सबसे पहले हम जानते हैं कुछ ऐसे स्किल्स के बारे में जो बैंकिंग क्षेत्र के लिए बेहद जरूरी है।

बैंकिंग कार्य के लिए ऐसे कौशल जरूरी

काम के लिए तैयार रहना: काम के लिए तैयार होने (जॉब रेडीनेस) से हमारा मतलब है व्यवसाय की जरूरतों को पूरा करने के लिए प्रभावी समाधान देने की क्षमता और ज्ञान का संयोजन। आपमें कारोबारी माहौल की पूरी समझ होना और बदलावों के बारे में लगातार सीखते रहना मायने रखता है।


संचार कौशल: बैंकिंग उद्योग में संचार (कम्युनिकेशन) सफलता की कुंजी है। आपको मौखिक के साथ-साथ लिखित संचार पर अच्छी पकड़ रखने की जरूरत है। साथ ही सही तरीके से संवाद करना बहुत महत्वपूर्ण है। इसलिए, बैंकिंग क्षेत्र में नौकरी के लिए एक अच्छा कम्युनिकेटर होना अहम कौशल है।

विज्ञापन

बैंकिंग क्षेत्र लगातार आगे बढ़ रहा है। हर संगठन को अलग सोच, काम करने के नए तरीकों और एक ऐसी अनुकूल योग्य मानसिकता की तलाश होती है, जो अपने ज्ञान को उन्नत करने और बदलते दौर के अनुसार उपयुक्त कार्यशैली को अपनाने के लिए तैयार हो। सबसे पहले हम जानते हैं कुछ ऐसे स्किल्स के बारे में जो बैंकिंग क्षेत्र के लिए बेहद जरूरी है।

बैंकिंग कार्य के लिए ऐसे कौशल जरूरी

काम के लिए तैयार रहना: काम के लिए तैयार होने (जॉब रेडीनेस) से हमारा मतलब है व्यवसाय की जरूरतों को पूरा करने के लिए प्रभावी समाधान देने की क्षमता और ज्ञान का संयोजन। आपमें कारोबारी माहौल की पूरी समझ होना और बदलावों के बारे में लगातार सीखते रहना मायने रखता है।


संचार कौशल: बैंकिंग उद्योग में संचार (कम्युनिकेशन) सफलता की कुंजी है। आपको मौखिक के साथ-साथ लिखित संचार पर अच्छी पकड़ रखने की जरूरत है। साथ ही सही तरीके से संवाद करना बहुत महत्वपूर्ण है। इसलिए, बैंकिंग क्षेत्र में नौकरी के लिए एक अच्छा कम्युनिकेटर होना अहम कौशल है।

बढ़िया पारस्परिक कौशल

इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि यह डेस्क जॉब है या फील्ड जॉब; किसी खास लक्ष्य को हासिल करने के लिए टीम का खिलाड़ी होना मायने रखता है। किसी टीम में आपको एक टीम लीडर, एक सक्रिय श्रोता, या कोई ऐसा व्यक्ति जो पूरी टीम को किसी चुनौती के लिए प्रेरित कर सके, इस तरह की कई भूमिकाएं निभानी पड़ सकती हैं। यदि आप जानते हैं कि आप इनमें से किन कौशलों में बेहतर हैं, तो अपने इटंरव्यू के दौरान उनके बारे में बात करें।

पहले समझना, विश्लेषण करना और फिर कदम उठाना

एक ऐसी दुनिया में काम करना जहां हर मिनट डेटा अपडेट होते रहते हैं, वहां उपयोगी डेटा का आंकलन करना और उसका चयन करना मायने रखता है। इसके अलावा, सही डेटा के चयन के लिए आपको यह भी समझना होगा कि बैंक की चुनौतियों को कैसे कम किया जा सकता है। यदि आप डेटा के साथ काम करने में सक्षम हैं और यह समझते हैं कि इसका सही इस्तेमाल कैसे किया जाए, तो आप बैंकिंग क्षेत्र की नौकरी के लिए उपयुक्त हैं।

नेतृत्व क्षमता और टीम लीडर 

आपसे समस्याओं के बीच आगे बढ़ने और उसे न्यूनतम संभव समय में हल करने तथा कुशल समाधान उपलब्ध कराने की अपेक्षा की जाती है। वास्तव में, यह कौशल / क्षमता असल जीवन की समस्याओं पर काम करने और इस तरह के हर अनुभव से सीखने से मिलती है। इन सभी कौशलों का एक सकारात्मक मेल आपको बैंकिंग क्षेत्र में सही नौकरी ढूंढने के एक कदम और करीब ले जाने में मददगार होगा।

2014 में वित्त मंत्रालय के वित्तीय सेवाएं देने वाले विभाग द्वारा जारी सलाह के मुताबिक किसी भी सरकारी बैंक की तरफ से डायरेक्ट कैंपस प्लेसमेंट करना कानून के मुताबिक नहीं है। वित्त मंत्रालय का मानना था कि सरकारी बैंकों में होने वाली भर्ती सीधे इंटरव्यू के माध्यम से नहीं बल्कि इंस्टीट्यूट ऑफ बैंकिंग पसर्नल सेलेक्शन (आईबीपीएस) और अन्य माध्यामों से आयोजित होने वाली परीक्षाओं के जरिये होनी चाहिए। इस नियम पर अमल भी किया गया।

भारत के टॉप 10 बैंक परीक्षाओं के नाम

  • आईबीपीएस क्लर्क
  • नाबार्ड डेवलपमेंट असिस्टेंट
  • नेशनल बैंक फॉर एग्रीकल्चर एंड रूरल डेवलपमेंट ग्रेड ए और बी ऑफिसर
  • एसबीआई पीओ
  • एसबीआई क्लर्क
  • आरबीआई ग्रेड बी ऑफिसर
  • आईबीपीएस (इंस्टीट्यूट ऑफ बैंकिंग पर्सनल सिलेक्शन) पीओ
  • आईबीपीएस आरआरबी ऑफिसर स्केल-1
  • आईबीपीएस आरआरबी ऑफिस असिस्टेंट
  • आरबीआई ऑफिस असिस्टेंट।

पब्लिक सेक्टर बैंक्स में इन पदों पर होती है भर्ती

  • क्लर्क
  • प्रोबेशनरी ऑफिसर
  • स्पेशलिस्ट ऑफिसर
  • असिस्टेंट मैनेजर
  • मैनेजर
  • सीनियर मैनेजर
  • चीफ मैनेजर
  • असिस्टेंट जनरल मैनेजर
  • डिप्टी जनरल मैनेजर
  • चीफ फाइनांशियल ऑफिसर
  • चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर
  • प्रेसिडेंट

क्या आप जानते हैं...

भारत में 1969 में तत्कालीन सरकार द्वारा 14 बड़े बैंकों का राष्ट्रीयकरण हुआ था। इनका मकसद था सामाजिक-आर्थिक विकास में बड़ी भूमिका अदा करना। इसके चलते गांवों और दूरदराज के इलाकों में बैंकिंग सुविधा देने के लिए अनेक शाखाएं खोली गईं। बैंक ऑफ बड़ौदा में देना बैंक और विजया बैंक का विलय हुआ, जिसके बाद अब हमारे हेश में 18 राष्ट्रीयकृत बैंक हैं। 
विज्ञापन
विज्ञापन
Next