इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ रिमोट सेंसिंग (भारतीय सुदूर संवेदन संस्थान - IIRS), देहरादून ने पर्यावरण अध्ययन के लिए रिमोट सेंसिंग और जीआईएस की उपयोगिता पर इसरो-प्रायोजित ऑनलाइन समर स्कूल पाठ्यक्रम शुरू किया है। इस कोर्स के लिए आवेदन ऑनलाइन स्वीकार किए जाएंगे साथ ही पढ़ाई भी ऑनलाइन ही होगी।
उल्लेखनीय है कि कुछ मॉडलों के साथ रिमोट सेंसिंग डेटा और जीआईएस (भौगोलिक सूचना प्रणाली) का उपयोग चक्रवात, सुनामी, हिमस्खलन, बाढ़, सूखा, ओलावृष्टि, जंगल की आग आदि जैसी प्राकृतिक आपदाओं के अलावा प्राकृतिक संसाधनों और पर्यावरण प्रदूषण की निगरानी और मानचित्रण के लिए किया जा सकता है।
स्कूली छात्रों के लिए यह पाठ्यक्रम एक सप्ताह की अवधि का है और पाठ्यक्रम का फोकस रिमोट सेंसिंग और जीआईएस के सिद्धांतों और पर्यावरण अध्ययन के लिए इसके अनुप्रयोगों पर है। पाठ्यक्रम के लिए आवेदन करने की अंतिम तिथि 20 जुलाई, 2021 है।
पाठ्यक्रम की अवधि
- यह पाठ्यक्रम 26 जुलाई से 30 जुलाई 2021 तक एक सप्ताह की अवधि का होगा।
- प्रत्येक दिन, 45 मिनट के दो ऑनलाइन व्याख्यान होंगे।
- पहला व्याख्यान एक 10.00 बजे और दूसरा व्याख्यान 12.00 बजे से रहेगा।