लोकसभा में नागरिकता संशोधन विधेयक (CAB- Citizen Ammendment Bill) - 2019 पर बहस के दौरान गृह मंत्री अमित शाह ने बयान दिया कि नेहरू-लियाकत समझौता धरा का धरा रह गया और पाकिस्तान (जब समझौता हुआ था तब बांग्लादेश नहीं था) अल्पसंख्यकों की हिफाजत का अपना कर्तव्य निभाने में नाकाम रहा। इसलिए नागरिकता संशोधन अधिनियम की जरूरत है।
बिल पर चर्चा के दौरान अमित शाह ने दोनों नए मुल्कों- भारत और पाकिस्तान में शरणार्थियों द्वारा झेली गई दिक्कतों के बारे में बात करते हुए कहा कि इसी समय 1950 में दिल्ली में नेहरू-लियाकत समझौता हुआ था। क्या है ये समझौता, आइए जानते हैं।