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Board Exam 2021: अब तक इन राज्यों में रद्द हो चुकी हैं 12वीं की परीक्षाएं, इनमें फैसला बाकी

Thu, 03 Jun 2021 04:40 PM IST
देवेश शर्मा एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला

सार

सीबीएसई और आईएससी बोर्ड के बाद कई राज्यों हरियाणा, गुजरात, मध्यप्रदेश, उत्तराखंड, राजस्थान, उत्तर प्रदेश और महाराष्ट्र द्वारा सूबे में बोर्ड परीक्षाओं को रद्द कर दिया गया है।  
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Board Exam 2021: 12वीं की परीक्षाएं - फोटो : iStock
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में मंगलवार शाम को हुई एक उच्च स्तरीय बैठक में सीबीएसई बोर्ड की 12वीं की परीक्षाओं को रद्द करने का निर्णय किया गया था। इसी फैसले की तर्ज पर काउंसिल फॉर द इंडियन स्कूल सर्टिफिकेट एग्जामिनेशन (CISCE) यानी सीआईएससीई ने ISC (Indian School Certificate) की बोर्ड परीक्षाओं को रद्द करने का निर्णय किया गया।
हालांकि, सीबीएसई और आईएससी के कक्षा 12वीं के परीक्षा परिणामों को लेकर छात्रों में असमंजस की स्थिति है। उनका कहना है कि हमें किस प्रकार पास किया जाएगा, किसको क्या ग्रेड दी जाएगी, इसको लेकर वह चिंतित हैं। सीबीएसई इसका मूल्यांकन कैसे करेगा, अब इसका उन्हें बेसब्री से इंतजार है। सीबीएसई की ओर से इस संबंध में अगले दो सप्ताह में निर्णय कर लिया जाएगा। 
सीबीएसई और आईएससी बोर्ड के बाद कई राज्यों हरियाणा, गुजरात, मध्यप्रदेश, उत्तराखंड, राजस्थान, उत्तर प्रदेश और महाराष्ट्र द्वारा सूबे में बोर्ड परीक्षाओं को रद्द कर दिया गया है। वहीं, पश्चिम बंगाल, कर्नाटक, पंजाब और हिमाचल प्रदेश समेत कुछ राज्यों में 12वीं बोर्ड परीक्षाओं को लेकर पुनर्विचार किया जाएगा। बोर्ड संभव है इन राज्यों के साथ ही कई अन्य राज्यों में भी प्रस्तावित बोर्ड परीक्षाओं को रद्द किया जा सकता है। आइए जानते हैं अब तक किन राज्यों में रद्द हो चुकी हैं 12वीं की परीक्षाएं और किन राज्यों में फैसला लेना बाकी है। 
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Board Exam News Update - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
हरियाणा सरकार का फैसला: 12वीं की बोर्ड परीक्षाएं की रद्द
सीबीएसई की तर्ज पर हरियाणा स्कूल शिक्षा बोर्ड की 12वीं की परीक्षाएं भी रद्द कर दी गई हैं। हालांकि, कोविड की स्थिति सामान्य होने पर विद्यार्थियों के पास परीक्षा देने का विकल्प मौजूद रहेगा। सीबीएसई बोर्ड की 12वीं की परीक्षा रद्द होने के बाद हरियाणा के शिक्षा मंत्री कंवरपाल गुर्जर ने मंगलवार देर शाम यह जानकारी दी। 
उन्होंने बताया कि भविष्य में हरियाणा स्कूल शिक्षा बोर्ड की ओर से यह विकल्प रहेगा कि अगर कोई छात्र परीक्षा देना चाहता है तो दे सकता है। गौरतलब है कि 10वीं की बोर्ड परीक्षाओं को पहले ही रद्द किया जा चुका है। 12वीं की बोर्ड परीक्षाओं को 31 मई तक टाला गया था। अब हरियाणा में भी 12वीं की बोर्ड परीक्षाएं नहीं होंगी। बता दें कि सीबीएसई के फैसले के बाद सबसे पहले हरियाणा सरकार ने ही राज्य में परीक्षाओं को रद्द करने की घोषणा की थी।
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परीक्षा की प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला
गुजरात में भी 12वीं की परीक्षा रद्द की गई
गुजरात सेकेंडरी एंड हायर सेकेंडरी एजुकेशन बोर्ड ने बुधवार को कक्षा बारहवीं की बोर्ड परीक्षाओं को रद्द करने का निर्णय लिया है। सूबे के शिक्षा मंत्री भूपेन्द्र सिंह चूड़ास्मा ने देश में कोरोना महामारी के दौरान बच्चों के स्वास्थ्य और सुरक्षा को मद्देनजर रखते हुए यह फैसला लिया है। हालांकि, कक्षा बारहवीं के विद्यार्थियों का अंतिम परिणाम किस आधार पर तैयार किया जाएगा, बोर्ड इसके संबंध में कोई घोषणा नहीं की है।
माना जा रहा है कि बोर्ड जल्द ही आंतरिक मूल्यांकन फॉर्मूले के संबंध में कोई आधिकारिक अधिसूचना जारी कर सकता है। बता दें कि गुजरात बोर्ड एक जुलाई से कक्षा दसवीं और बारहवीं की बोर्ड परीक्षाओं को आयोजित करने की घोषणा कर चुका था। बता दें कि कुछ सप्ताह पूर्व ही राज्य के शिक्षा मंत्री ने जुलाई में परीक्षाएं आयोजित करने की बात कही थी। लेकिन अब केंद्र सरकार के द्वारा सीबीएसई परीक्षाओं पर लिए गए फैसले के बाद यहां भी परीक्षाएं रद्द करने का निर्णय किया गया है।

 

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एमपी दसवीं और बारहवीं बोर्ड - फोटो : सोशल मीडिया
मध्यप्रदेश : एमपी बोर्ड कक्षा 12वीं की परीक्षाएं रद्द 
मध्यप्रदेश बोर्ड कक्षा 12 की परीक्षा रद्द कर दी गई है। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने इसके निर्देश दिए हैं। बता दें कि कोरोना संक्रमण की बढ़ते दर और विद्यार्थियों के स्वास्थ्य को मद्देनजर रखते हुए मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सीबीएसई कक्षा 12वीं की बोर्ड परीक्षा को रद्द करने का फैसला लिया था। इसके बाद से ही मध्यप्रदेश सरकार द्वारा बारहवीं बोर्ड परीक्षा को रद्द करने के फैसले के कयास लगाए जा रहे थे।  
प्राप्त जानकारी के मुताबिक शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार ने 12वीं बोर्ड परीक्षा से संबंध में अंतिम फैसला लेने के लिए बुधवार को बैठक बुलाई थी। बैठक में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की सहमति और निर्देशानुसार, परीक्षाओं को रद्द करने का फैसला किया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश में 12वीं बोर्ड की परीक्षा इस वर्ष आयोजित नहीं की जाएगी। बच्चों की जिंदगी हमारे लिये अनमोल है, करिअर की चिंता हम बाद में कर लेंगे। ऐसे समय जब पूरा देश और प्रदेश कोरोना का संकट झेल रहा है तब बच्चों पर परीक्षाओं का मानसिक बोझ डालना उचित नहीं है।  
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बोर्ड परीक्षा 2021 - फोटो : Amar Ujala Graphics
उत्तराखंड बोर्ड की 12वीं की परीक्षाएं भी रद्द 
उत्तराखंड बोर्ड की 12वीं की परीक्षाएं भी रद्द कर दी गई हैं। शिक्षा मंत्री अरविंद पांडे ने बुधवार को इसकी घोषणा करते हुए आदेश जारी कर दिए हैं। उन्होंनें कहा कि छात्रों व शिक्षकों के हितों को देखते हुए सरकार ने यह निर्णय लिया है। उन्होंने कहा कि सभी छात्र-छात्राओं को प्रमोट किया जाएगा। साथ ही जो बच्चे समझते हैं कि उन्हें कम अंक देकर प्रमोट किया गया  है उन्हें परीक्षा में बैठने का अवसर दिया जाएगा।
उत्तराखंड बोर्ड की 12वीं में एक लाख 23 हजार से अधिक छात्र पंजीकृत हैं, जबकि 10 वीं की परीक्षा में एक लाख 48 हजार से अधिक छात्र पंजीकृत हैं। शिक्षा विभाग की ओर से बोर्ड के छात्रों की परीक्षा के लिए 1347 परीक्षा केंद्र बनाए गए थे। सरकार की ओर से पहले हाईस्कूल की परीक्षा को रद्द किया गया। जबकि अब 12वीं की परीक्षा को भी रद्द कर दिया गया है।
 
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आरबीएसई : राजस्थान बोर्ड 10वीं 12वीं की परीक्षाएं रद्द - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
राजस्थान में 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षाएं निरस्त
राजस्थान सरकार ने भी प्रदेश में 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षाओं को निरस्त करने का फैसला किया है। सीबीएसई और आईएससी बोर्ड के बाद हरियाणा, गुजरात, पश्चिम बंगाल और मध्यप्रदेश द्वारा सूबे में बोर्ड परीक्षाओं को रद्द करने के क्रम में राजस्थान बोर्ड का भी नाम जुड़ गया है। परीक्षाओं को लेकर राजस्थान सरकार के मंत्री परिषद की बैठक बुधवार शाम छह बजे मुख्यमंत्री निवास पर हुई थी। 
राजस्थान में 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षाओं पर अंतिम निर्णय को लेकर बुधवार, 02 जून को अहम बैठक हुई। राजस्थान के शिक्षा मंत्री गोविंद डोटासरा ने ट्वीट कर इसकी जानकारी दी थी कि मुख्यमंत्री अशोक गहलोत से चर्चानुसार कैबिनेट की बैठक में बोर्ड परीक्षाओं को लेकर अंतिम निर्णय किया गया है। बैठक में माध्यमिक शिक्षा बोर्ड की परीक्षाओं को निरस्त करने तथा मूल्यांकन के नियम तय करने को लेकर विचार - विमर्श किया गया। राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड के चेयरमैन डॉ डीपी जारोली ने बताया कि राज्य में 10वीं और 12वीं की परीक्षाओं में करीब साढ़े 21 लाख विद्यार्थी पंजीकृत हैं। 14 अप्रैल को सीबीएसई के फैसले के आधार पर परीक्षाएं स्थगित कर दी गईं थीं। 
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up board 2021 exam - फोटो : अमर उजाला
यूपी बोर्ड 2021 : बारहवीं कक्षा की परीक्षा भी रद्द
उत्तर प्रदेश बोर्ड की बारहवीं कक्षा की परीक्षा भी रद्द कर दी गई है। विद्यार्थियों को आंतरिक मूल्यांकन के जरिए पास किया जाएगा। गौरतलब है कि यूपी बोर्ड पहले ही दसवीं कक्षा की परीक्षा को रद्द कर चुका है। बता दें कि 12वीं की परीक्षा जुलाई के दूसरे सप्ताह में आयोजित की जानी थी। उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री डॉ दिनेश शर्मा ने गुरुवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और केंद्रीय मानव संसाधन मंत्री रमेश पोखरियाल 'निशंक' से बातचीत के बाद बारहवीं कक्षा की परीक्षा को निरस्त करने की घोषणा की है।
इस साल यूपी बोर्ड की इंटरमीडिएट परीक्षा के लिए 26 लाख 10 हजार 316 परीक्षार्थी पंजीकृत हुए हैं। अब इन सभी विद्यार्थियों को आंतरिक मूल्यांकन पद्धति के जरिए पास किया जाएगा। हालांकि, अभी बारहवीं कक्षा के विद्यार्थियों को पास करने के आंतरिक मूल्यांकन मानदंड की घोषणा होना बाकी है।  
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि कोविड महामारी की वर्तमान परिस्थितियों के दृष्टिगत बच्चों की स्वास्थ्य सुरक्षा हमारी शीर्ष प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री की प्रेरणा से प्रदेश सरकार ने शैक्षिक सत्र 2020-21 में माध्यमिक शिक्षा परिषद की 10वीं व 12वीं की बोर्ड परीक्षा का आयोजन नहीं कराने का निर्णय किया है।  

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students - फोटो : Freepik
महाराष्ट्र सरकार ने भी रद्द की बारहवीं बोर्ड परीक्षा
कोरोना महामारी के बीच महाराष्ट्र में परीक्षाओं के आयोजन को लेकर फैसला कर लिया गया है। राज्य में परीक्षाएं नहीं होंगी। महाराष्ट्र की स्कूल शिक्षा मंत्री वर्षा गायकवाड़ ने गुरुवार को जानकारी दी कि महाराष्ट्र सरकार ने भी कक्षा 12वीं की बोर्ड परीक्षाओं को रद्द करने का फैसला लिया है। स्कूल शिक्षा मंत्री ने बताया कि बुधवार को सूबे की कैबिनेट बैठक में इस मुद्दे पर विचार विर्मश किया गया था।
सूत्रों से प्राप्त जानकारी के मुताबिक राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण से मंजूरी के बाद परीक्षाओं को रद्द करने का निर्णय लिया गया है। प्राप्त जानकारी के मुताबिक कक्षा बारहवीं के सभी छात्रों को आंतरिक मूल्यांकन के आधार पर पास किया जाएगा। मंत्री ने कहा कि छात्रों का स्वास्थ्य और सुरक्षा हमारी प्राथमिकता है। बता दें कि महाराष्ट्र भी उन राज्यों में शामिल था, जिन्होंने केंद्र सरकार द्वारा मांगे गए सुझावों में सीबीएसई परीक्षाओं को लेकर रद्द करने या फिर परीक्षाओं के आयोजन से पहले सभी छात्रों के टीकाकरण करने के सुझाव दिए थे। 
 

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हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड, धर्मशाला - फोटो : अमर उजाला
हिमाचल में जल्द होगा फैसला, सीएम ने दिए संकेत
हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड की 12वीं कक्षा की परीक्षाएं रद्द करने को लेकर जल्द ही निर्णय किया जाएगा। हिमाचल प्रदेश सरकार ने भी राज्य स्कूल शिक्षा बोर्ड की परीक्षाओं को लेकर मंथन शुरू कर दिया है। पांच जून की कैबिनेट बैठक में इस मसले को लेकर प्रस्ताव रखा जाएगा, जिस पर सरकार फैसला लेगी।
मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने बीते दिनों ही स्पष्ट कर दिया था कि सीबीएसई का फैसला आने के बाद राज्य शिक्षा बोर्ड की परीक्षाओं को लेकर आगामी निर्णय लिया जाएगा। शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने बताया कि पांच जून को प्रस्तावित राज्य मंत्रिमं डल की बैठक में इस संदर्भ में प्रस्ताव लेकर जाएंगे। बता दें कि इससे पहले सीबीएसई की ओर से 10 के विद्यार्थियों को प्रमोट करने के बाद प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड के छात्र भी सरकार ने अगली कक्षा में प्रमोट कर दिए थे।  
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बोर्ड परीक्षा न्यूज अपडेट - फोटो : Amar Ujala Graphics
पश्चिम बंगाल बोर्ड :  10वीं 12वीं की परीक्षाओं पर फैसले के लिए पैनल गठित
पश्चिम बंगाल में अभी 10वीं और 12वीं की परीक्षाओं पर फैसला नहीं हो पाया है। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने माध्यमिक और उच्च माध्यमिक स्तर की परीक्षाएं आयोजित करने अथवा रद्द करने पर निर्णय करने के लिए एक उच्च स्तरीय पैनल गठित किया है। पैनल में छह विशेषज्ञ शामिल किए गए हैं। अब पैनल की ओर से परीक्षाओं के मसले पर सभी हितधारकों से विचार - विमर्श के बाद अपने सुझाव और निष्कर्ष वाली रिपोर्ट मुख्यमंत्री को सौंपी जाएगी। उस रिपोर्ट में सुझाए जाने वाले फॉमूर्ले के आधार पर पश्चिम बंगाल सरकार अंतिम निर्णय लेगी।  
इन सबके बीच पश्चिम बंगाल बोर्ड ऑफ सेकेंडरी एजुकेशन (WBBSE) और वेस्ट बंगाल काउंसिल ऑफ हायर सेकेंडरी एजुकेशन (WBCHSE) के शीर्ष अधिकारियों ने बुधवार को निर्धारित संयुक्त प्रेस वार्ता को भी रद्द कर दिया था। संयुक्त प्रेस वार्ता में उन्हें माध्यमिक (कक्षा 10वीं) और हायर सेकेंडरी (कक्षा 12वीं) की इस साल की परीक्षा के टाइम टेबल पर अपने फैसले की घोषणा करनी थी। क्योंकि, इससे पहले मुख्यमंत्री की ओर से परीक्षाओं का आयोजन किए जाने की बात कही गई थी। 
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