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गणतंत्र के 71 साल : विज्ञान के क्षेत्र में इनके नाम हैं बड़े कीर्तिमान और उपलब्धियां, जानें क्या-क्या हैं रिकॉर्ड

Tue, 26 Jan 2021 07:51 AM IST
Devesh Devesh एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला
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Republic Day : India's First in Science - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
इस बार 26 जनवरी, 2021 को हम आजाद भारत का 72वां गणतंत्र दिवस मनाने जा रहे हैं। आजादी के बाद से बीते सात दशकों में हमारे देश ने विभिन्न क्षेत्रों में कई कीर्तिमान रचें हैं। भारतीय वैज्ञानिकों और अभियंताओं ने अंतरिक्ष और रक्षा क्षेत्र से जुड़े विभिन्न अभियानों में कई अभूतपूर्व सफलताएं हासिल की हैं। पिछले कुछ सालों में भारत ने विज्ञान के क्षेत्र में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी उपलब्धियों से खूब नाम कमाया। आइए जानते हैं उन उपलब्धियों और कीर्तिमानों को ... 
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Republic Day : India's First in Science - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
यहां विज्ञान और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में महत्वपूर्ण उपलब्धियों की सूची उपलब्ध कराई गई है, जिनके नाम देश में पहली बार होने का रिकॉर्ड दर्ज है।   
  • देश का पहला जलविद्युत संयंत्र : सिद्रपोंग (दार्जिलिंग)
  • अंतरिक्ष में जाने वाले पहले भारतीय व्यक्ति : राकेश शर्मा
  • देश का पहला परमाणु रिएक्टर : अप्सरा (महाराष्ट्र)
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Republic Day : India's First in Science - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
  • पहला उपग्रह : आर्यभट्ट
  • पहला स्वदेशी प्रक्षेपण वाहन : एसएलवी -3
  • भारत में पहला आनुवंशिक रूप से संशोधित खाद्य उत्पाद : बीटी बैंगन हाइब्रिड
  • चिकित्सा में प्रथम स्नातक : सुरजो कुमार चक्रवर्ती

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Republic Day : India's First in Science - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
  • डब्लूएचओ में उप महानिदेशक के रूप में नियुक्त होने वाली पहली भारतीय : डॉ सौम्या स्वामीनाथन
  • घरेलू संचार के लिए पहला उपग्रह पृथ्वी स्टेशन :  सिकंदराबाद
  • भौतिकी में नोबेल पुरस्कार पाने वाले पहले भारतीय : डॉ सीवी रमन
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Republic Day : India's First in Science - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
सात दशकों की कुछ अहम उपलब्धियां 
मिशन मंगलयान 

2014 में इसरो के मंगल मिशन की कामयाबी ने देश को अंतरिक्ष विज्ञान के क्षेत्र में सबसे आगे ला खड़ा किया है। इसरो के वैज्ञानिकों के द्वारा बनाए गए मंगलयान का पहले ही प्रयास में मंगल ग्रह की कक्षा में पहुंच जाना बहुत बड़ी उपलब्धि है। पहले ही प्रयास में सफलता प्राप्त करने वाला भारत दुनिया का पहला देश है। अमेरिका, रूस और यूरोप की स्पेस एजेंसियां कई प्रयासों के बाद मंगल ग्रह तक पहुंच पहुंच पाईं थीं।  
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बीएसएनएल की सैटेलाइट सर्विस 
भारत संचार निगम लिमिटेड यानी बीएसएनएल ने 2020 में सैटेलाइट आधारित इंटरनेट ऑफ थिंग्स उपकरण सेवा शुरू की है। ये दुनिया का पहला उपग्रह आधारित आईओटी नेटवर्क है। इससे देश की समुद्री सीमा के अंदर किसी भी स्थान से फोन संपर्क संभव हो गया, भले ही वहां मोबाइल टावर भी नहीं हो। 
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केला
केले के जीनोम का जीन संशोधन
2018 में राष्ट्रीय कृषि-खाद्य जैव प्रौद्योगिकी संस्थान, मोहाली के शोधकर्ताओं ने केले के जीनोम का संशोधन कर दिखाया। यह जीन संशोधन की क्रिस्पर/सीएएस9 तकनीक की मदद से किया गया है। भारत में किसी भी फल वाली फसल पर किया गया ऐसा पहला शोध था। इससे केले की पोषक गुणवत्ता सुधार, खेती की दृष्टि से फायदेमंद गुणों को बढ़ाने और रोग प्रतिरोधी किस्में तैयार करने में जीन संशोधन तकनीक अपनाई जाने लगी है। 

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ins arihant - फोटो : ins arihant
परमाणु क्षेत्र में उपलब्धियां
भारत ने खुद की बनाई हुई परमाणु पनडुब्बी आईएनएस अरिहंत को नौसेना में शामिल किया। समुद्री रक्षा क्षेत्र में यह एक बड़ा कदम और विशेष उपलब्धि है। आईएनएस अरिहंत की सफलता से भारत जल, थल और नभ तीनों लोक से परमाणु हमला करने में सक्षम देश बन गया था। भारत, अमेरिका, फ्रांस, रूस, ब्रिटेन और चीन के बाद भारत ऐसा छठा देश बना है, जिसने अपनी परमाणु पनडुब्बी खुद बनाई है। इससे पानी के अंदर और पानी की सतह से परमाणु मिसाइल दागी जा सकती है। सिर्फ यही नहीं, इसके माध्यम से पानी के अंदर से किसी विमान को भी निशाना बनाकर तबाह किया जा सकता है।

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इसरो भुवन सॉफ्टवेयर : रिमोट सेंसिंग सैटेलाइट तस्वीर - फोटो : अमर उजाला
भुवन पोर्टल पर दिख रही दुनिया 
भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान (इसरो) द्वारा विकसित भुवन सॉफ्टवेयर आपको अपने मोबाइल और कंप्यूटर के जरिये दुनियाभर की सैर करवा सकता है। इस पोर्टल के जरिये दुनियाभर की सैटेलाइट तस्वीरें देख सकते हैं। बता दें कि संस्कृत में भुवन का मतलब पृथ्वी होता है। हालांकि, सैन्य व परमाणु संस्थान जैसे संवेदनशील स्थान इसमें दिखाई नहीं देंगे। भुवन पोर्टल में दिखाई देने वाली तस्वीरें इसरो के सात रिमोट सेंसिंग सैटेलाइट से ली जाती हैं। इसकी तस्वीर गुणवत्ता गूगल अर्थ से भी ज्यादा स्पष्ट है। 

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रासायनिक कीटनाशक - फोटो : सोशल मीडिया
जहरीले कीटनाशकों से बचाने वाला जैल
इंस्टीट्यूट फॉर स्टेम सेल बायोलॉजी एंड रीजनरेटिव मेडिसिन के वैज्ञानिकों ने पॉली-ऑक्सीम नामक एक सुरक्षात्मक जैल बनाया है। इसे त्वचा पर लगाया जाता है। खेतों में कीटनाशक छिड़काव के समय किसानों के लिए यह बेहद लाभकारी है। यह जहरीले रसायनों को ऐसे सुरक्षित पदार्थों में परिवर्तित कर देता है, जिससे वे मस्तिष्क और फेफड़ों जैसे अंगों में गहराई तक नहीं पहुंच पाते हैं।  
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super computer param shivay - फोटो : amar ujala
सुपर कंप्यूटर  
मौसम पूर्वानुमान एवं निगरानी के लिए प्रत्युष नामक शक्तिशाली सुपर कंप्यूटर बनाकर भारत इस क्षेत्र में जापान, ब्रिटेन और अमेरिका के बाद चौथा प्रमुख देश बन गया है। भारत में नेशनल सुपर कंप्यूटर मिशन के तहत सुपर कंप्यूटर परम सिद्धि, परम शिवाय,  बनाया गया था। परम 8000 भारत का बनाया पहला सुपर कंप्यूटर था। भारत के शीर्ष सुपर कंप्यूटर की बात करें तो उसमें सहस्र (क्रे XC40), आदित्य, टीआईएफआर कलर बोसोन, IIT Delhi HPC और परम युवा 2 जैसे सुपर कंप्यूटर के नाम सामने आते हैं। सुपर कंप्यूटर परम सिद्धि दुनिया के शीर्ष 63 सुपर कंप्यूटर में शामिल है। 
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